भाजपा की जीत नहीं, डकैती है:गोंडा में पूर्व सपा मंत्री योगेश सिंह बोले- धांधली नहीं होती तो सपा की 8 सीटें आतीं

Oct 29, 2026 - 09:24
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भाजपा की जीत नहीं, डकैती है:गोंडा में पूर्व सपा मंत्री योगेश सिंह बोले- धांधली नहीं होती तो सपा की 8 सीटें आतीं
यूपी में विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव परिणाम को लेकर गोंडा में समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने भाजपा पर धांधली का आरोप लगाया है। गुरुवार सुबह 8 बजे भभुआ कोट स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली नहीं हुई होती तो समाजवादी पार्टी को 8 सीटें मिलतीं, जबकि भाजपा 3 सीटों पर सिमट जाती। उन्होंने फैजाबाद-गोरखपुर खंड से भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप त्रिपाठी की जीत को भी धांधली का परिणाम बताया। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा और मुख्यमंत्री ने विधान परिषद चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था। चुनाव में धांधली करने के लिए अधिकारियों को लगाया गया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई। जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के जरिए विद्यालयों के प्रबंधकों और शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए। योगेश प्रताप सिंह के मुताबिक, इन मामलों की शिकायत बार-बार चुनाव आयोग से की गई, लेकिन आयोग ने संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान तमाम सख्ती और कथित अनियमितताओं के बाद जब भाजपा को जीत की संभावना कम दिखी तो मतगणना में धांधली की गई। 'देवेंद्र प्रताप त्रिपाठी की जीत नहीं, डकैती है' पूर्व मंत्री ने फैजाबाद-गोरखपुर खंड के परिणाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा इस चुनाव में हार चुकी थी, लेकिन बाद में बचे हुए करीब 2,200 वोटों को उठाकर परिणाम बदल दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इसी तरह मुश्किल से 400 से कुछ अधिक वोटों के अंतर से देवेंद्र प्रताप त्रिपाठी को विजयी घोषित किया गया। उन्होंने कहा, "वो जीत नहीं है, वो डकैती है।" योगेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि अन्य स्थानों पर भी इसी तरह का खेल किया गया, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए। 'धांधली नहीं होती तो सपा को मिलतीं 8 सीटें' पूर्व मंत्री ने कहा कि चुनाव के अब तक सामने आए रुझानों और परिणामों के अनुसार भाजपा 11 में से 6 सीटें जीतने की स्थिति में थी, जबकि समाजवादी पार्टी 5 सीटों पर जीत की स्थिति में थी। उन्होंने दावा किया कि यदि चुनाव में कथित धांधली नहीं हुई होती तो सपा 8 सीटें जीतती और भाजपा को केवल 3 सीटें मिलतीं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में हुई कथित अनियमितताओं पर आयोग ने कार्रवाई नहीं की। उनके अनुसार, आयोग की निष्क्रियता के कारण ही परिणाम इस तरह सामने आए। 'चुनाव ने भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी उजागर की' योगेश प्रताप सिंह ने चुनाव परिणामों को भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी से भी जोड़कर देखा। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र वाराणसी में भाजपा चुनाव हार गई, जबकि मुख्यमंत्री के क्षेत्र गोरखपुर में भाजपा जीत गई। उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर में जिस तरह की कथित धांधली हुई, वैसी वाराणसी में भी कराई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पूर्व मंत्री ने इसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच अंदरूनी खींचतान का संकेत बताते हुए कहा कि वाराणसी में भाजपा की हार से पार्टी के सामने सफाई देने की स्थिति पैदा हो गई है। हालांकि, चुनाव में धांधली और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच गुटबाजी को लेकर लगाए गए ये आरोप पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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