एसएसपी अनुराग आर्य का बड़ा एक्शन, दो थानेदारों को हटाया:जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और थाने स्तर पर गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर गिरी गाज, सिपाही निलंबित

Oct 29, 2026 - 09:55
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एसएसपी अनुराग आर्य का बड़ा एक्शन, दो थानेदारों को हटाया:जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और थाने स्तर पर गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर गिरी गाज, सिपाही निलंबित
बरेली में जनसुनवाई और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर एसएसपी अनुराग आर्य ने कड़ा रुख अपनाया है। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने और मामलों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के चलते एसएसपी ने दो थाना प्रभारियों को हटाते हुए पुलिस लाइन भेज दिया है, जबकि एक पीड़ित महिला के प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई न करने और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करने वाले सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। 5 घंटे तक चली समीक्षा बैठक, दो थानों में शिकायतों का ग्राफ 46% तक बढ़ा पुलिस कार्यालय में जनपद के सभी अपर पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों और आईजीआरएस/शिकायत प्रकोष्ठ के कर्मियों के साथ सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक विस्तृत समीक्षा बैठक की गई। समीक्षा में सामने आया कि माह अगस्त के मुकाबले सितंबर में थाना विशारतगंज में प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों की संख्या 43 से बढ़कर 63 हो गई, जिसमें 46 फीसदी का इजाफा देखा गया। इसी तरह थाना शेरगढ़ में प्रार्थना पत्र 66 से बढ़कर 86 हो गए, जो 30 प्रतिशत अधिक थे। शेरगढ़ थाने में पिछले 16 महीनों के औसत में भी 24 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जनपद में शिकायतों में सर्वाधिक बढ़ोत्तरी इन्हीं दोनों थानों में मिलने पर एसएसपी ने विशारतगंज और शेरगढ़ के प्रभारी निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी पद से हटाते हुए रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया। इसके साथ ही सभी अधिकारियों और थानेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि जनसुनवाई को पूरी संजीदगी से लिया जाए और जारी निर्देशों का अक्षरशः पालन हो। महिला की शिकायत दबाने और अनुशासनहीनता पर बहेड़ी का सिपाही सस्पेंड दूसरे मामले में थाना बहेड़ी में तैनात आरक्षी अंकुश खन्ना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। 23 अक्टूबर को एक महिला ने थाना बहेड़ी में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था, जो जनसुनवाई रजिस्टर में दर्ज था। थाने स्तर पर कोई कार्रवाई न होने पर पीड़िता 28 अक्टूबर को एसएसपी कार्यालय में प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची। जांचकर्ता आरक्षी अंकुश खन्ना पर थाने स्तर से कोई कार्रवाई न करने, गैर-जिम्मेदाराना आचरण और दायित्वों का निर्वहन न करने के गंभीर आरोप लगे। पदीय दायित्वों में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और कदाचार को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए एसएसपी ने आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी है।

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