बीएचयू में विश्व पर्यटन दिवस समारोह:'कल्चरल वॉक' रही आकर्षण का केंद्र; 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की झलक दिखी
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र (CTHS) की ओर से विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह का कला संकाय स्थित मुंशी प्रेमचंद सभागार में भव्य समापन हुआ। 25 सितंबर को हेरिटेज वॉक के साथ शुरू हुए इस आयोजन में भारत की सांस्कृतिक विविधता, तकनीक के एकीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। समापन समारोह का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आयोजित ‘कल्चरल वॉक’ रही, जिसमें विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा और परिधानों को प्रदर्शित कर विविधता में एकता का संदेश दिया। इस दौरान वक्ताओं ने इस वर्ष की थीम ‘डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से पर्यटन की पुनर्रचना’ पर अपने विचार रखे। तकनीकी परिदृश्य में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अहम भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहायक निदेशक अमित गुप्ता ने पर्यटन क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में विद्यार्थी, शिक्षक और शैक्षणिक संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नवस्थापित केंद्र का पहला विश्व पर्यटन दिवस समारोह केंद्र के समन्वयक प्रो. शायजू पी. जे. ने कहा कि हाल ही में स्थापित इस केंद्र के तत्वावधान में आयोजित यह पहला विश्व पर्यटन दिवस समारोह है, जो इसे बेहद खास बनाता है। उन्होंने केंद्र की स्थापना में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के कुशल नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, कला संकाय के कला इतिहास विभाग की अध्यक्ष प्रो. ज्योति रोहिल्ला राणा ने कहा कि केंद्र के विकास के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र भविष्य में एक पूर्ण विकसित विभाग के रूप में स्थापित होगा।
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