बलिया के डॉ. प्रेम प्रकाश को मिला अनुदान:विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद से सहायता, पेरोवस्काइट सोलर सेल पर होगा कार्य
बलिया जिले की बैरिया तहसील के गोंहिया छपरा निवासी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के सहायक आचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह को मशीन लर्निंग आधारित सौर ऊर्जा अनुसंधान परियोजना के लिए वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है। उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीएसटीयूपी), लखनऊ ने उनके शोध प्रस्ताव को मंजूरी दी है। परियोजना की अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है। इस शोध परियोजना का उद्देश्य मशीन लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तकनीकों के इस्तेमाल से अगली पीढ़ी की पेरोवस्काइट सोलर सेल की कार्यक्षमता, स्थिरता और ऊर्जा रूपांतरण क्षमता में सुधार करना है। इसके लिए इंटरफेस पैसिवेशन इंजीनियरिंग पर शोध किया जाएगा। परियोजना के तहत एक जूनियर रिसर्च असिस्टेंट के मानदेय के साथ रसायन, उपभोग्य सामग्री, यात्रा और अन्य शोध संबंधी खर्चों के लिए भी वित्तीय सहायता निर्धारित की गई है। यह शोध सौर ऊर्जा तकनीक को अधिक प्रभावी बनाने और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नए विकल्प विकसित करने पर केंद्रित है।
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