बरेली में पटाखा बाजार पर संशय, डीएम से मिले व्यापारी:एमबी इंटर कॉलेज ग्राउंड में 10 दुकानों की अनुमति से संकट, बोले- थोक में दे चुके लाखों रुपये
दिवाली की रौनक बाजारों में लौटने लगी है, लेकिन बरेली के पटाखा कारोबारियों के चेहरे पर इस बार मायूसी छाई है। हर साल जहां जीआईसी, एमबी इंटर कॉलेज, हार्टमैन रामलीला ग्राउंड और कैंट जैसे बड़े मैदानों में आतिशबाजी का मेला सजता था, वहीं इस बार प्रशासन की सख्ती ने व्यापारियों के गणित को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। थोक विक्रेताओं को लाखों की अग्रिम रकम थमा चुके दर्जनों व्यापारी अब दुकानों की संख्या सीमित किए जाने से अपनी जमा-पूंजी डूबने की आशंका से घिरे हैं।
समाधान की उम्मीद लिए व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन प्रशासन के कड़े रुख से असमंजस और बढ़ गया है। 20-25 सालों से लग रही थीं दुकानें, इस बार सिर्फ 10 को मंजूरी
परेशान पटाखा कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम अविनाश सिंह से गुहार लगाई। व्यापारियों का कहना है कि वे बीते 20-25 वर्षों से लगातार एमबी इंटर कॉलेज और इस्लामिया ग्राउंड में दुकानें सजाते आए हैं। इस बार एमबी कॉलेज में महज 10 दुकानों की ही अनुमति जारी की गई है, जबकि वहां करीब 40 से 45 दुकानदार अपनी रोजी-रोटी चलाते थे। व्यापारियों का कहना है कि थोक सप्लायर्स को माल का बयाना पहले ही दिया जा चुका है, ऐसे में अचानक दुकानें घटने से उनके सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कॉलेज परिसर में बाजार लगाने पर प्रशासन का सख्त रुख
व्यापारियों की मांग सुनने के बाद डीएम अविनाश सिंह ने दो टूक कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं होगी और कॉलेज ग्राउंड में पटाखों का बड़ा बाजार किसी भी कीमत पर नहीं लगने दिया जाएगा। कारोबारियों का यह भी दर्द है कि प्रशासन की जटिल कागजी कार्रवाई और एनओसी की भागदौड़ में काफी वक्त बर्बाद हो चुका है, जिससे ऐन त्योहार पर वे असमंजस में फंसे हैं। शहर में इन जगहों पर सजेंगी पटाखे की दुकानें
प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दुकानों का कोटा इस प्रकार तय किया है:
परसाखेड़ा: 30 दुकानें
रामलीला मैदान: 30 दुकानें
बीसलपुर रोड: 30 दुकानें
एमबी इंटर कॉलेज: 10 दुकानें
दूरदर्शन केंद्र के पीछे: 10 दुकानें
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