चित्रकूट में तीन दिवसीय शरदोत्सव का समापन:मैहर वाद्यवृंद ने मोहा मन, शास्त्रीय और लोक संगीत की जुगलबंदी पर झूमे श्रोता
चित्रकूट में राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख के जन्मदिवस पर आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव का सोमवार रात समापन हो गया। दीनदयाल शोध संस्थान परिसर में आयोजित अंतिम शाम मुंबई के गायक श्रीराम अय्यर और उनकी टीम ने भजनों की प्रस्तुति दी। वहीं, मैहर के कलाकारों ने ऐतिहासिक मैहर वाद्यवृंद की जुगलबंदी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुलाबी ठंड के बीच दर्शक देर रात तक गीत-संगीत का आनंद लेते रहे। गायक श्रीराम अय्यर ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कई भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनके साथ नीव कनानी और विदिता ने भी गायन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शक भावविभोर नजर आए। मैहर वाद्यवृंद ने शास्त्रीय और लोक संगीत का संगम दिखाया मैहर के कलाकारों ने नलतरंग, वायलिन, तबला, हारमोनियम, सरोद, सारंगी और सितार की धुनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। वाद्ययंत्रों की जुगलबंदी में शास्त्रीय और लोक संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला। श्रीराम अय्यर की टीम में राहुल सिरिशकर, अंकित सोनोने, शुभम सेठ, आदित्य बुद्धा और रोहन खंगारे ने ड्रम, तबला, कीबोर्ड, गिटार और बांसुरी पर संगत दी। नानाजी के समाजसेवा और विकास में योगदान को किया याद समापन समारोह में सांसद दर्शन चौधरी, राजेश मिश्रा और महंत मदन गोपाल दास ने नानाजी देशमुख के समाजसेवा और चित्रकूट के विकास में योगदान को याद किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। कलाकारों का किया अभिनंदन दीनदयाल शोध संस्थान के अभय महाजन ने कलाकारों का अभिनंदन किया। तीन दिनों तक चले शरदोत्सव की अंतिम शाम में भक्ति, शास्त्रीय संगीत और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को यादगार अनुभव दिया।
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