धनतेरस पर साबुत धनिया और कौड़ी खरीदना शुभ:ज्योतिषाचार्य बोले- शाम 6:06 से 8:02 बजे तक पूजन का शुभ मुहूर्त

Nov 04, 2026 - 06:56
0
धनतेरस पर साबुत धनिया और कौड़ी खरीदना शुभ:ज्योतिषाचार्य बोले- शाम 6:06 से 8:02 बजे तक पूजन का शुभ मुहूर्त
दीपावली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस से होगी। धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदने के साथ झाड़ू, साबुत धनिया और कौड़ी खरीदने की भी परंपरा है। ज्योतिषाचार्य श्रीराम शर्मा ने बताया कि इन तीनों चीजों को मां लक्ष्मी और घर की सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। झाड़ू को सफाई, साबुत धनिया को धन-धान्य और कौड़ी को समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस बार 6 नवंबर को धनतेरस पर शाम 6:06 बजे से रात 8:02 बजे तक वृष लग्न में लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त है। स्थिर लग्न में पूजा करने से धन-संपत्ति और वैभव स्थिर रहने की धार्मिक मान्यता है। धनतेरस पर शाम 6:06 से रात 8:02 तक पूजा का मुहूर्त ज्योतिषाचार्य के श्रीराम शर्मा ने बताया कि शाम 6:06 बजे से रात 8:02 बजे तक वृष लग्न रहेगा। इसी मुहूर्त में माता लक्ष्मी की पूजा की जानी चाहिए। ज्योतिष में वृषभ, सिंह, वृश्चिक और कुंभ चार स्थिर राशियां मानी जाती हैं। इन राशियों के उदय होने के समय को स्थिर लग्न कहते हैं। स्थिर का अर्थ है जो अपनी जगह पर बना रहे और जिसमें जल्दी बदलाव न हो। धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन करने से घर में धन-संपत्ति, सुख-समृद्धि और वैभव स्थिर रहता है। इसी वजह से धनतेरस और दीपावली पर स्थिर लग्न को पूजा के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। कमल का फूल और साबुत धनिया चढ़ाकर करें मां लक्ष्मी का पूजन पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। मां लक्ष्मी का लाल वस्त्रों से श्रृंगार कर उन्हें कमल का फूल अर्पित करें। कमल मां लक्ष्मी का प्रिय पुष्प माना जाता है। इसके साथ साबुत धनिया, फल और नैवेद्य चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर विधि-विधान से पूजन करें। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, पूजा के दौरान श्रीसूक्त का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में धन-धान्य और समृद्धि बनी रहती है। भगवान धन्वंतरि और कुबेर की पूजा का भी महत्व धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। उन्हें आयुर्वेद और आरोग्य का देवता माना जाता है। वहीं, भगवान कुबेर को धन का देवता माना जाता है। धनतेरस पर उनकी पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User