दीपावली पर वाराणसी में जमकर हो रही फूलों की खरीदारी:गेंदे, गुलाब से महका बाजार, कमल से हुआ गुलजार, किसान बोले- बारिश ने किया नुकसान
धर्म की नगरी काशी में दीपावली धूम है। ऐसे में अपने घरों और प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए अल सुबह से ही वाराणसी की मलदहिया स्थित किसान फूल मंडी में भीड़ देखने को मिली है। किसानों ने कहा कि कुछ दिन पहले आये अर्नब तूफान ने नुकसान किया पर बाजार की तेजी और उमड़ी भीड़ हमें लागत देकर जाएगी। वाराणसी की इस मंडी में लोग कमल का फूल, गेंदे का फूल और गुलाब की पंखुड़ियां ले रहे हैं। इस साल दीपावली से ठीक पहले आए भीषण 'अर्नब' तूफान ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों सहित वाराणसी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था, जिससे फूलों की खेती करने वाले किसान बेहद चिंतित थे। उन्हें डर था कि इस बार त्योहार के सीजन में उनकी लागत भी नहीं निकल पाएगी। देखें फूल मंडी में फूलों की तस्वीर … बाजार में काफी तेजी
दीपावली के मुख्य पर्व पर मलदहिया फूल मंडी की स्थिति ने किसानों की इस चिंता को दूर कर दिया है। बाजार में आई जबरदस्त तेजी और खरीदारों की उमड़ी अभूतपूर्व भीड़ ने किसानों के चेहरों पर एक बार फिर मुस्कान ला दी है। मंडी में आए स्थानीय किसानों का कहना है कि हालांकि तूफान ने उनकी मेहनत पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी और फूलों की आवक पर असर पड़ा था, लेकिन आज बाजार का रुख देखकर वे बेहद खुश हैं। ग्राहकों की भारी मांग के कारण फूलों के अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे उन्हें पूरी उम्मीद है कि वे न सिर्फ अपनी लागत निकाल लेंगे, बल्कि अच्छा मुनाफा भी कमा सकेंगे। विनोद सोनकर ने बताया - इस बार बहुत बढ़िया माहौल है। क्योंकि काफी तेजी है बाजार में। बारिश की वजह से कम माल आया और वो महंगा है। लेकिन त्योहार पर सब खरीद रहे हैं। जबकि 5 हजार से 10 हजार रुपए सैकड़ा तक बिक्री हो रही है। 40 प्रतिशत का हुआ नुकसान, जो बचा वो बेच रहे
किसान सचिन मौर्या ने बताया - बारिश से बहुत नुकसान हुआ किसानों का; जिससे मार्केट में माल कम है। लेकिन बाजार अच्छी है क्योंकि साल भर का त्यौहार है। वो हर हाल में माल लेंगे। इसलिए भीड़ भी है और लोग फूल लेकर जा रहे हैं। बुजुर्ग किसान चन्द्रबली ने बताया - बहुत दिक्कत हुई तूफ़ान से फूलों का पेड़ लोट गया जिससे माल कम आया है। बिक्री हो रही है लेकिन परिश्रम का फल नहीं मिल रहा है। हम लोगों की 40 प्रतिशत खेती का नुकसान हो गया है। 30 रुपए का एक मिल रहा कमल का फूल
मंडी में इस समय मुख्य रूप से मां लक्ष्मी की पूजा के लिए पवित्र कमल के फूल, पारंपरिक सजावट के लिए गेंदे के फूल (गेंदा माला) और खुशबूदार गुलाब की पंखुड़ियों की सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है। लोग घरों के मुख्य द्वारों को सजाने के लिए गेंदे की लड़ियां और रंगोली के लिए गुलाब की पंखुड़ियां भारी मात्रा में खरीद रहे हैं। मोनिका ने कमल का फूल खरीदा है। उन्होंने कहा मैंने सुना था इस मंडी के बारे में बहुत आज फूल लेने आयी हूं। फूलों पर महंगाई का असर पर बिना फूलों के दिवाली सूनी सी लगती है।
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