दीपोत्सव में देश-विदेश के 2000 कलाकार कला बिखरेंगे:रामलीला मंचन व नाट्य नृत्य प्रस्तुति के लिए संस्कृति विभाग ने किया आमंत्रित
10 वें दीपोत्सव में कई देशों व परंपराओं से जुड़ी रामलीलाओं का तो प्रदर्शन होगा ही, झांकियों में भी राज्यों के प्रसिद्ध लोकनृत्यों की प्रस्तुति होगी। अयोध्या धाम में डेढ़ दर्जन से अधिक छोटे व मध्यम मंच सजेंगे, जिन पर कई राज्यों और प्रदेश के विभिन्न अंचलों के नाट्य प्रस्तुति होगी। एक देश या राज्य की टीम में लगभग 25-30 कलाकारों का दल होगा। संस्कृति विभाग ने अलग-अलग लोक-संस्कृतियों को प्रदर्शित करने के लिए दो हजार से अधिक कलाकारों को आमंत्रित किया है।पिछले वर्ष 5 देशों के कलाकारों ने रामलीला का मंचन किया था। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद से पत्राचार भी जारी इसमें देसी के साथ विदेशी भी कलाकार होंगे। रामलीला के लिए कुछ देशों को बुलाने के लिए अभी भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद से पत्राचार भी जारी है।
अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार डा. आशुतोष द्विवेदी के अनुसार, अभी तक फिलीपींस व श्रीलंका और असम, केरल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर व पश्चिम बंगाल के कलाकारों का ही आगमन तय हुआ है। इन देशों के कलाकार स्थानीय परंपरा व शैली में रामलीला का मंचन करेंगे। देश के अलग-अलग राज्यों की टीमें अपनी स्थानीय भाषा में रामलीला व नृत्यों की प्रस्तुति करेंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के प्रमुख नृत्यों की भी प्रस्तुति कराई जाएगी। साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक निकलने वालीं लगभग दो दर्जन से अधिक झांकियाें व मंचों पर कलाकारों की ओर से बिहू, गंभीरा, संथाली, छोलिया, पांडव, झोड़ा, चाचरी, डंडारास, गोजरी, पुरुलिया छऊ, भोरताल, कथकली, मोहिनीअट्टम, मयूर नृत्य, चरकुला, रासलीला, धोबिया जैसे नृत्यों की प्रस्तुति की जाएगी। डा. द्विवेदी ने बताया कि दीपोत्सव की तिथि तक कुछ अन्य देशों के कलाकारों का आगमन भी संभावित है।
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