एशिया की रैंकिंग में CCSU को मिला 694वां स्थान:यूपी के राज्य विश्वविद्यालयों में मिली पहली रैंक

Nov 04, 2026 - 21:39
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एशिया की रैंकिंग में CCSU को मिला 694वां स्थान:यूपी के राज्य विश्वविद्यालयों में मिली पहली रैंक
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स एशिया 2027 में विश्वविद्यालय ने 694वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले साल विश्वविद्यालय 801 से 850 के रैंक बैंड में शामिल था। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सीसीएसयू को पहला स्थान मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में विश्वविद्यालय में भी शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध कार्य और अकादमिक सुविधाओं को मजबूत करने पर काम हो रहा है। अब इन प्रयासों का असर अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी दिखाई देने लगा है। वैश्विक रैंकिंग में मजबूत हुई स्थिति इस साल क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 26 देशों और क्षेत्रों के कुल 1722 उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है। इनमें भारत के 325 विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। खास बात यह है कि देश के 34 संस्थानों ने पहली बार इस रैंकिंग में जगह बनाई है। रैंकिंग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल की तुलना में करीब 71 प्रतिशत भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में गिरावट आई है, जबकि केवल 18 प्रतिशत संस्थान ही अपनी स्थिति में सुधार कर पाए हैं। ऐसे में सीसीएसयू का 694वें स्थान पर पहुंचना विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत हुई है। 11 मानकों पर होता है विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन क्यूएस एशिया रैंकिंग में विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता परखने के लिए 11 प्रमुख मानकों को आधार बनाया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत वेटेज अकादमिक प्रतिष्ठा और 20 प्रतिशत नियोक्ता प्रतिष्ठा को दिया जाता है। इसके अलावा शिक्षक और विद्यार्थियों के अनुपात, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क और शोध पत्रों पर मिलने वाले उद्धरण को 10-10 प्रतिशत वेटेज दिया जाता है। वहीं, शोध पत्रों की संख्या, पीएचडी धारक शिक्षकों का अनुपात और अंतरराष्ट्रीय शिक्षकों व विद्यार्थियों की भागीदारी को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाता है। इन सभी मानकों के आधार पर विश्वविद्यालय की पढ़ाई की गुणवत्ता, शोध कार्य, विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी भागीदारी को परखा जाता है। विश्वविद्यालय के निदेशक शोध प्रो. बीरपाल सिंह ने बताया कि क्यूएस साउदर्न एशिया रैंकिंग 2027 में भी सीसीएसयू ने बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्ष 2026 में विश्वविद्यालय इस रैंकिंग में 254वें स्थान पर था, जबकि इस बार 201वां स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता सुधारने, अच्छे शोध पत्र प्रकाशित करने, दूसरे देशों के संस्थानों के साथ मिलकर शोध करने और नवाचार को बढ़ावा देने पर लगातार काम किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों और शोधार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ ही शोध कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक असर अब अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है। सामूहिक प्रयासों का परिणाम है उपलब्धि : कुलपति कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि क्यूएस एशिया रैंकिंग में 694वां स्थान हासिल करना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। इस उपलब्धि में शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और कर्मचारियों सभी का योगदान है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करना नहीं है, बल्कि शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाना है। इसके लिए विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाओं को विकसित करने, गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने, उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने और दूसरे देशों के विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करने पर काम किया जाएगा। कुलपति ने उम्मीद जताई कि सभी के सहयोग और लगातार किए जा रहे प्रयासों से आने वाले समय में विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंच पर और बेहतर स्थान हासिल करेगा।

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