झांसी में अधिवक्ताओं ने फूंका अध्यक्ष और सचिव का पुतला:बोले-बार संघ का इस्तेमाल कर रहे, वकीलों पर मुकदमा लिखवाकर पुलिस से मांग ली माफी
झांसी में अब अधिवक्ताओं के बीच ही विवाद गहरा गया है। मंगलवार को कचहरी परिसर में आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बार संघ अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे और सचिव छोटे लाल वर्मा का पुतला फूंक दिया। पूर्व बार संघ अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर शुक्ला ने आरोप लगाया कि बार अध्यक्ष ने अपने स्वार्थ के लिए जूनियर अधिवक्ताओं को मुकदमे में फंसवा दिया और बाद में खुद पुलिस से माफी मांग ली। इसी बात से नाराज अधिवक्ताओं ने पुतला दहन किया। बता दें कि 29 अक्टूबर को कोतवाली के प्रकरण को लेकर झांसी बार संघ अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे ने कोतवाली, सीपरी बाजार और प्रेमनगर थाना प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया था। इसी दौरान कलेक्ट्रेट में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया था। मामला तब और तूल पकड़ गया, जब कुछ अधिवक्ताओं पर जेल चौकी प्रभारी मोहित कुमार और उनके हमराही के साथ मारपीट करने और मोबाइल लूटने का आरोप लगा। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद बार संघ ने 2 नवंबर को हड़ताल की चेतावनी दी थी। हालांकि, बाद में हड़ताल का ऐलान वापस ले लिया गया। चंद्रशेखर शुक्ला बोले-पुलिस का मनोबल गिरा रहे झांसी बार संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर शुक्ला ने एडवोकेट प्रमोद शिवहरे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो आरोप प्रमोद शिवहरे लगा रहे हैं, वह पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने पुलिस का पक्ष लेते हुए कहा कि जो भी पुलिसकर्मी निष्पक्ष होकर काम करता है, उसे फंसाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि अपने ही साथी अधिवक्ता रोमेश अग्रवाल को कोतवाली भेजकर मोहरा बनाया जबकि, कोतवाली में उनके साथ कोई गलत व्यवहार नहीं हुआ था। फिर भी पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया गया। बाद में पुलिस ने सभी वीडियो सार्वजनिक कर झूठ से पर्दा उठा दिया।
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