गोरखपुर में द पिलर्स में साइंस एग्जीबिशन का आयोजन:बच्चों ने बनाया रोबोट; नेपाल जैसी त्रासदी से निपटने के लिए अलार्म सिस्टम

Nov 03, 2026 - 15:50
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गोरखपुर में द पिलर्स में साइंस एग्जीबिशन का आयोजन:बच्चों ने बनाया रोबोट; नेपाल जैसी त्रासदी से निपटने के लिए अलार्म सिस्टम
बच्चों की कल्पनाओं ने जब विज्ञान का रूप लिया तो एक से बढ़कर एक मॉडल देखने को मिले। किसी ने रोबोट बनाया तो किसी ने स्मार्ट क्लास और इको फ्रेंडली खाद तैयार करने का मॉडल पेश किया। वहीं, कुछ विद्यार्थियों ने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाओं से बचाव के लिए अलार्म सिस्टम तैयार किया। इन मॉडलों के जरिए बच्चों ने बताया कि विज्ञान का इस्तेमाल करके रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान कैसे निकाला जा सकता है। यह नजारा मंगलवार को द पिलर्स स्कूल के सिक्टौर ब्रांच में आयोजित साइंस एग्जीबिशन ‘BEYOND BASICS 4.0 – INFINIQ: The Infinite Universe of Innovation’ का था। इसमें पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रदर्शनी शुरू होने के बाद ही मॉडल देखने के लिए छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की भीड़ जुटने लगी। बच्चों ने अपने बनाए मॉडल के बारे में लोगों को जानकारी दी। अभिभावकों ने भी बच्चों की मेहनत और उनकी वैज्ञानिक सोच की सराहना की। प्रदर्शनी में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों ने समूह बनाकर मॉडल तैयार किए थे। सभी मॉडल का मुख्य आधार रिन्यूएबल रिसोर्सेज यानी नवीकरणीय संसाधनों का इस्तेमाल और पर्यावरण संरक्षण रहा। विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, आधुनिक खेती, तकनीक और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। स्मार्ट सिंचाई और जल की गुणवत्ता जांचने वाली प्रणाली ने लोगों का ध्यान खींचा। इसके अलावा सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई व्यवस्था और हाइड्रोपोनिक फार्म के जरिए कम संसाधनों में खेती करने का तरीका भी बताया गया। विद्यार्थियों ने स्मार्ट क्लास मैनेजमेंट सिस्टम, स्मार्ट पार्किंग और ऑटोमैटिक फसल सुरक्षा प्रणाली के मॉडल भी बनाए। इनकी मदद से दिखाया कि तकनीक के इस्तेमाल से पढ़ाई, यातायात और खेती को किस तरह आसान और बेहतर बनाया जा सकता है। वहीं, वृक्ष प्रहरी और मधुमक्खियों के व्यस्त उद्यान जैसे मॉडल के जरिए पर्यावरण और जैव विविधता को बचाने का संदेश दिया गया। कुछ विद्यार्थियों ने रडार और हृदय-मस्तिष्क के बीच तालमेल से जुड़े मॉडल भी पेश किए। आपदा से बचाव के लिए बनाया अलार्म सिस्टम प्रदर्शनी में कुछ विद्यार्थियों ने प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए अलार्म सिस्टम का मॉडल तैयार किया। इसका उद्देश्य आपदा की आशंका होने पर लोगों को पहले ही सतर्क करना था, ताकि समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा जा सके। इसके अलावा बच्चों ने बायोप्रिंट और जाइलम-फ्लोएम के जरिए पौधों में पानी पहुंचने की प्रक्रिया को भी मॉडल के माध्यम से समझाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. बृजेश कुमार पांडेय रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में एमएमएमयूटी के एसोसिएट प्रोफेसर और पूर्व इसरो वैज्ञानिक प्रो. विजय कुमार वर्मा मौजूद रहे। विशेष अतिथि एमएमएमयूटी के डीन (अंतरराष्ट्रीय मामले) प्रो. वीके द्विवेदी रहे। प्रदर्शनी के मॉडलों का मूल्यांकन करने के लिए विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों की टीम बनाई गई थी। इसमें डीवीएनपीजी कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नितेश शुक्ला, एमएमएमयूटी के गणित विभाग के डॉ. हरीश चंद्र, रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. आरके यादव, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. रोहित कुमार तिवारी और एमजीपीजी कॉलेज के प्राणी विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. फरीन्द्र तिवारी शामिल रहे। बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोग का मौका विद्यालय के प्रबंध निदेशक आरपी शाही ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान देने के साथ उन्हें उसका इस्तेमाल करना सिखाना है। जब विद्यार्थी अपने ज्ञान से समाज की समस्याओं का समाधान खोजते हैं, तभी शिक्षा सार्थक होती है। मेंटर डॉ. कीर्ति शाही ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच विकसित होती है। सहायक निदेशक ईशान राणा ने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के बारे में सोचने और नए समाधान तैयार करने के लिए प्रेरित करते हैं। महिमा करोल राणा ने कहा कि नवाचार आधारित पढ़ाई से बच्चों की जिज्ञासा और व्यावहारिक समझ बढ़ती है। वहीं, प्रधानाचार्या डॉ. तनुजा त्रिवेणी झा ने कहा कि INFINIQ के माध्यम से बच्चों को अपनी कल्पनाओं को प्रयोग के जरिए हकीकत में बदलने का अवसर मिला है। यह प्रदर्शनी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुभव आधारित शिक्षा और कौशल विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखकर आयोजित की गई। साथ ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप विद्यार्थियों को विज्ञान, तकनीक और सतत विकास के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। इस मौके पर डॉ. गीता दत्त, धर्मेंद्र चंद, अनन्य प्रताप सिंह, कर्नल बीपी शाही, सूर्य प्रताप शाही सहित चिकित्सा जगत से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। इनमें डॉ. आरकेसी मिश्रा, डॉ. वाई सिंह, डॉ. शिव शंकर शाही, डॉ. रवि राय, डॉ. आनंद बंका, डॉ. अजीत चौधरी, डॉ. एमके गुप्ता, डॉ. विकास अग्रवाल और डॉ. आनंद जायसवाल समेत अन्य अतिथि शामिल रहे।

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