‘जनसंख्या नियंत्रण हो, लेकिन जातीय-सामाजिक संतुलन भी बना रहे’:गोंडा में बृजभूषण बोले- ऐसा न हो कि कुछ लोगों का अस्तित्व ही खत्म हो जाए
गोंडा के कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार सुबह करीब 11:20 बजे अपने आवास पर जनता दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। जनता दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) और जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर अपनी राय रखी। बृजभूषण सिंह ने कहा कि देश में एक वर्ग ऐसा है, जो जाति और व्यवसाय से अलग जनसंख्या नियंत्रण का पूरी तरह पालन कर रहा है। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इसका पालन नहीं कर रहे हैं। सरकार अगर दो या तीन बच्चों की सीमा तय करती है, तो उसका उल्लंघन करने वालों के मामले पर गंभीरता से विचार करना होगा। बोले- कानून बनाने से पहले सामाजिक समीकरण भी देखना होगा उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण का सवाल सिर्फ बच्चों की संख्या सीमित करने तक नहीं है। इसमें सामाजिक और जातिगत संतुलन को भी ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जाति को देश में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसा कोई फैसला नहीं होना चाहिए, जिससे किसी वर्ग का अस्तित्व ही संकट में पड़ जाए। बृजभूषण सिंह ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व का उदाहरण देते हुए कहा कि जब राजनीतिक पार्टियां टिकट देती हैं या मंत्रिमंडल में जगह देती हैं, तो वहां भी संख्या और बहुमत का गणित देखा जाता है। ऐसे में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाते समय इस पहलू पर भी विचार करना होगा। UCC और जनसंख्या नियंत्रण पर रखी अपनी राय पूर्व सांसद ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण जरूरी है, लेकिन इसके साथ सामाजिक और जातीय संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी समुदाय या वर्ग की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी प्रभावित हो। उनके बयान में जनसंख्या नियंत्रण के साथ जातीय प्रतिनिधित्व और राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में दो या तीन बच्चों की सीमा को लेकर किसी प्रस्तावित कानून का समर्थन या विरोध स्पष्ट रूप से नहीं किया।
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