कलर्स ऑफ यूपी’ में दिखे सांस्कृतिक विरासत के रंग:महादेव-सती की गाथा, श्रीराम की मर्यादा, मां विंध्यवासिनी की महिमा और राधा-कृष्ण के प्रेम पर आधारित रही नृत्य प्रस्तुति

Oct 29, 2026 - 05:32
0
कलर्स ऑफ यूपी’ में दिखे सांस्कृतिक विरासत के रंग:महादेव-सती की गाथा, श्रीराम की मर्यादा, मां विंध्यवासिनी की महिमा और राधा-कृष्ण के प्रेम पर आधारित रही नृत्य प्रस्तुति
उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के विविध रंग मथुरा के धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड में आयोजित ‘कलर्स ऑफ यूपी’ नृत्य प्रस्तुति में साकार हुए। कथक नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर शिवानी मिश्रा के निर्देशन में प्रदेश की पौराणिक गाथाओं, देवी-देवताओं की महिमा और राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम को नृत्य और संगीत के माध्यम से मंच पर जीवंत किया गया। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का कराया अनुभव उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित ब्रजरज उत्सव के अंतर्गत हुई इस प्रस्तुति ने दर्शकों को प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का अनुभव कराया। प्रस्तुति की शुरुआत देवाधिदेव महादेव और माता सती की अमर गाथा से हुई। प्रेम, त्याग और समर्पण के भावों को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। इसके बाद प्रभु श्रीराम की महिमा और अयोध्या की धार्मिक विरासत को दर्शाते प्रसंगों ने मर्यादा, धर्म और आदर्शों का संदेश दिया। अगली कड़ी में मां विंध्यवासिनी की आराधना के माध्यम से शक्ति, श्रद्धा और भक्ति के भाव प्रस्तुत किए गए। इसके बाद राधा के विरह की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने प्रस्तुति को प्रेम और संवेदना के रंगों से भर दिया। श्रीकृष्ण की प्रतीक्षा में राधा की व्याकुलता, उनकी स्मृतियों और अंतर्मन के भावों को नृत्य के जरिए उकेरा गया। इस प्रसंग में प्रेम की वह अनुभूति दिखाई गई, जो सांसारिक भाव से आगे बढ़कर भक्ति और आध्यात्मिक समर्पण का रूप ले लेती है। यह रहे मौजूद कथक कलाकार शिवानी मिश्रा की इस प्रस्तुति का समापन मथुरा-वृंदावन की भक्ति परंपरा और राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम के चित्रण के साथ हुआ। इस मौके पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, सीईओ लक्ष्मी नागप्पन, सीडीओ डा पूजा गुप्ता, विप्रा सचिव आशीष कुमार सिंह, परिषद के एसीईओ राजीव पाण्डेय, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, सहायक अभियंता जेके जैन, अनूप शर्मा आदि मौजूद रहे। ब्रजरज उत्सव 2026 में छाया स्वदेशी का जादू कान्हा की नगरी में चल रहे ब्रजरज उत्सव में स्वदेशी उत्पादों, ODOP, खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों का रंग पर्यटकों और श्रद्धालुओं पर खूब चढ़ रहा है। पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक डिजाइन के बेहतरीन मेल ने ग्राहकों को अपनी ओर खींचने में सफलता हासिल की है। ब्रजरज उत्सव में लगे खादी और ओडीओपी के स्टॉलों पर कपड़ों, हस्तशिल्प और सजावटी सामानों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है। अलग अलग जिलों के ODOP के लगे स्टॉल ओडीओपी के तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पाद भी ब्रजरज उत्सव में लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले में आगरा के चमड़े के उत्पाद, फिरोजाबाद की कांच की चूडियां, वाराणसी की सिल्क साड़ियां, लखनऊ की चिकनकारी, कन्नौज का इत्र, मथुरा की पोशाक, कंठी माला, वाराणसी की जारी जरदोजी और सिल्क साड़ी, चंदौली की जारी जरदोजी, मुजफ्फरनगर का मशहूर गुड़, प्रयागराज के मूँज उत्पाद, कानपुर के चर्म उत्पाद, अलीगढ़ ब्रास एवं टेक्सटाइल और मैनपुरी की तारकशी के स्टॉल लगे हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User