लखनऊ 68500 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का प्रदर्शन:घंटी बजाकर मंत्री आशीष पटेल को बाहर बुलाया , प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर गुमराह करने नियुक्ति न देने का आरोप लगाया
लखनऊ में मंगलवार को 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने लगभग एक घंटे तक मंत्री आशीष पटेल के आवास के बाहर प्रदर्शन किया उनके दरवाजे पर घंटी बजाते रहे। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी आवास के बाहर लेट गए एक घंटे के हंगामा और नारेबाजी के बाद मंत्री बाहर आए और ज्ञापन लिया। प्रदर्शनकारियों ने 'ऐसी क्या मजबूरी है-आरक्षण की चोरी है' और 'पिछड़ा आयोग ने माना है-आरक्षण घोटाला है जैसे नारे लगाए। ज्ञापन के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया मंत्री - अधिकारियों ने घोटाला माना प्रदर्शन करने आए नवीन ने बताया कि 10 सितंबर को हम सभी लोगों की मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंग और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के साथ हुई। इस दौरान बेसिक और माध्यमिक विभाग के तमाम आलाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में दोनों मंत्रियों के साथ अधिकारियों ने भी इस बात को स्वीकार किया कि घोटाला हुआ है। जब राज्य पिछड़ा आयोग ने मान लिया राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग ने मान लिया और अब सरकार में बैठे अधिकारी मंत्री भी स्वीकार कर रहे हैं कि घोटाला हुआ है तो रोजगार क्यों नहीं मिलता। ‘8 साल से चप्पल घिस रहे हैं’ बस्ती से आए आशुतोष वर्मा ने कहा कि हम पिछले 8 साल से नौकरी के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण घोटाला हुआ है। राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मानते हुए नियमों का पालन करने का आदेश दिया है। आशुतोष ने कहा कि हमारी मांग है कि आयोग के आदेशों का पालन किया जाए। वर्ष 2018 में भर्ती निकली थी, तभी हमने फॉर्म भरा था। इसके बाद से आज तक नौकरी की उम्मीद में 8 साल से सिर्फ चप्पल घिस रहे हैं। मौजूदा सरकार में मुख्यमंत्री से लेकर कोई भी मुख्यमंत्री या विधायक नहीं है जिसके दरवाजे पर जाकर प्रदर्शन नहीं किया याचना नहीं किया मगर रोजगार नहीं मिला।
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