लखनऊ में सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन:नगर निगम मुख्यालय के सामने लगाया टेंट , प्रदर्शनकारी बोले- भाजपा सरकार में सफाई कर्मचारियों कि सुनवाई नहीं
लखनऊ में सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम मुख्यालय के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया । मांगें पूरी न होने से नाराज कर्मचारियों ने मुख्यालय के बाहर टेंट लगाकर धरना दिया। प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से सफाई कर्मचारियों ने हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। ‘कर्मचारी हितों में कोई काम नहीं हुआ’ मोर्चा के मुख्य संयोजक राम प्रकाश वाल्मीकि ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद से में भ्रष्टाचार चरम पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में सफाई कर्मचारियों के हित में ऐसी कोई योजना या शासनादेश जारी नहीं हुआ, जिससे गरीब कर्मचारियों के परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश का स्वच्छकार समाज अपने बच्चों के लिए मुख्यमंत्री से रोटी मांगने आया है। कार्य बहिष्कार की चेतावनी महासंघ की ओर से कहा गया कि अगर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन सफाई कर्मचारियों के हर हित में महा आंदोलन और कार्य बहिष्कार करेगा। धरने में शामिल पॉलिटिकल जस्टिस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ वाल्मीकि ने सफाई कार्य को आउटसोर्सिंग और ठेकेदारी पर कराए जाने का विरोध किया। उन्होंने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि लगातार होने वाले कार्यों को ठेके पर नहीं कराया जाना चाहिए। वेतन कटौती का आरोप मोर्चा के संयोजक ओमीलाल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ के नाम पर पैसा काटा जाता है, लेकिन उसका लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों पर धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
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