मौसम बदलते ही बढ़े खांसी-जुकाम और बुखार के मरीज:शामली जिला अस्पताल में रोजाना 150 से बढ़कर 200 हुई OPD

Oct 28, 2026 - 10:07
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मौसम बदलते ही बढ़े खांसी-जुकाम और बुखार के मरीज:शामली जिला अस्पताल में रोजाना 150 से बढ़कर 200 हुई OPD
शामली मौसम का मिजाज बदलते ही लोगों की सेहत पर असर दिखने लगा है। कभी गर्मी तो कभी ठंडक के बीच खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं। शामली के जिला अस्पताल में इन शिकायतों के साथ पहुंचने वाले मरीजों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ गई है। पहले जहां रोजाना करीब 150 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या 200 तक पहुंच रही है। ओपीडी में गले में खराश, खांसी, नाक बहने और बुखार की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। बदलते मौसम के बीच सबसे जरूरी है कि लोग अपनी सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें। दिनचर्या और खानपान का ध्यान रखने की जरूरत खासकर बच्चों और बुजुर्गों को मौसम के अनुरूप दिनचर्या और खानपान का ध्यान रखने की जरूरत है। चिकित्सकों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। तापमान में उतार-चढ़ाव से बढ़ रहीं मौसमी शिकायतें मौसम में बदलाव के दौरान शरीर को तापमान के अनुसार ढलने में समय लग सकता है। ऐसे में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी शिकायतों के साथ लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या इसी ओर संकेत कर रही है कि मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, हर खांसी-जुकाम या बुखार को वायरल संक्रमण मानना सही नहीं है। इन लक्षणों के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए बीमारी की पहचान और उपचार के लिए चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर बरतें विशेष सावधानी बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों में बुखार, खांसी या कमजोरी के लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी लक्षण बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। संक्रमण फैलने की आशंका कम करने में मददगार खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल अथवा कोहनी से ढकना, हाथों को नियमित रूप से धोना और आसपास साफ-सफाई रखना संक्रमण फैलने की आशंका कम करने में मददगार है। पर्याप्त पानी पीने और पौष्टिक भोजन लेने से भी शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। खुद से दवा लेना पड़ सकता है भारी

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