नोएडा मास्टर प्लान 2031 में बदलाव:गांव की आबादी की जमीन पर 5 प्रतिशत भूखंड होंगे नियोजित, आपत्ति-सुझाव के बाद शासन को भेजेंगे

Oct 28, 2026 - 19:24
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नोएडा मास्टर प्लान 2031 में बदलाव:गांव की आबादी की जमीन पर 5 प्रतिशत भूखंड होंगे नियोजित, आपत्ति-सुझाव के बाद शासन को भेजेंगे
नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को दिए जाने वाले 5 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंडों के लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण करने के लिए मास्टर प्लान-2031 में संशोधन कर दिया है। इसके तहत गांवों की मौजूदा आबादी से लगी जमीन पर 5 प्रतिशत आबादी भूखंड नियोजित करने का प्रावधान जोड़ा गया है। इसके लिए महायोजना के जोनिंग रेगुलेशन के क्लॉज 7.3.1 में बदलाव करते हुए फ्लोटिंग यूज के अंतर्गत नई पंक्ति 10.7 और नई शर्त संख्या-8 शामिल की गई है। प्राधिकरण के अनुसार, नोएडा क्षेत्र में अधिग्रहित जमीन के बदले किसानों को 5 प्रतिशत विकसित आवासीय भूमि देने का प्रावधान है। अधिकांश भूखंडों का नियोजन किया जा चुका है, लेकिन कुछ मामलों में अभी भी भूखंड नियोजित किए जाने बाकी हैं। महायोजना-2031 के अनुसार शहर का विकास लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में शेष भूखंडों का नियोजन करने में कठिनाई आ रही है। किसानों की मांग को देखते हुए लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए महायोजना में यह बदलाव किया गया है। क्लॉज 7.3.1 में क्या बदलाव किया गया नोएडा महायोजना-2031 के जोनिंग रेगुलेशन के क्लॉज 7.3.1 का संबंध प्रमुख भूमि उपयोग क्षेत्रों में विभिन्न गतिविधियों और उपयोगों की अनुमति से है। इसमें Permissibility of Various Activities/Uses in Major Land-Use Areas के तहत फ्लोटिंग यूज श्रेणी में नई पंक्ति 10.7 जोड़ी गई है। इसके साथ शर्त संख्या-8 भी शामिल की गई है। इस बदलाव का उद्देश्य मौजूदा गांव की आबादी से लगी जमीन पर किसानों के 5 प्रतिशत आबादी भूखंड नियोजित करने का प्रावधान उपलब्ध कराना है। नई शर्त संख्या-8 में क्या है नियम नई शर्त संख्या-8 के अनुसार, Existing Village Abadi यानी मौजूदा गांव की आबादी से लगी हुई भूमि पर 5 प्रतिशत आबादी भूखंड नियोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए जनसामान्य से आपत्ति और सुझाव प्राप्त किए जाएंगे। इसके बाद प्रकरण शासन को संदर्भित किया जाएगा। इसका मतलब है कि महायोजना में संशोधन के जरिए गांवों की आबादी से लगी जमीन पर 5 प्रतिशत आबादी भूखंड नियोजित करने का प्रावधान शामिल कर लिया गया है। हालांकि, संबंधित प्रस्ताव पर जनसामान्य की आपत्तियों और सुझावों की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामला शासन को भेजा जाएगा। लंबित मामलों के निस्तारण में मिलेगी मदद प्राधिकरण का मानना है कि शहर का अधिकांश हिस्सा विकसित हो जाने के कारण शेष 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों के लिए उपयुक्त जमीन का नियोजन करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। महायोजना में किए गए बदलाव से गांवों की आबादी से लगी जमीन पर भूखंड नियोजन का विकल्प उपलब्ध होगा। इससे किसानों के लंबित मामलों के निस्तारण में मदद मिल सकती है।

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