प्रयागराज के दो बच्चे गूंगे बनकर भीख मांगते पकड़े गए:बारकोड के जरिए पैसे लेते थे, पुलिस ने बालगृह में भेजा
प्रयागराज के दो नाबालिग बच्चों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भीख मंगवाने और फर्जी तरीके से डोनेशन लेने वाले गिरोह के चंगुल से छुड़ाया गया है। गिरोह बच्चों को मूक-बधिर और दिव्यांग बनाकर लोगों से पैसे मंगवाता था। बच्चे बारकोड के जरिए भी डोनेशन लेते थे। मामले का खुलासा तब हुआ, जब दोनों बच्चे मूक-बधिर विद्यार्थियों के स्कूल में भीख मांगने पहुंच गए। वहां उनकी पोल खुल गई। छिंदवाड़ा की बाल कल्याण समिति दोनों बच्चों को लेकर प्रयागराज पहुंची और बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया। दोनों बच्चे यमुनापार के जारी और घूरपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। फिलहाल उन्हें खुल्दाबाद स्थित बालगृह में रखा गया है। बारकोड से लेते थे डोनेशन जांच में बच्चों के पास एक बारकोड मिला, जो छिंदवाड़ा निवासी रामगोपाल दास के नाम पर पंजीकृत था। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति छिंदवाड़ा बुलाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में कई शहरों और राज्यों में इसी तरह डोनेशन लेने और बच्चों से भीख मंगवाने की बात सामने आई। अमरकंटक में है आश्रम बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, रामगोपाल दास का अमरकंटक में एक आश्रम है, जहां बड़ी संख्या में बच्चे रहते हैं। मामले की जानकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई को दी गई है। बच्चों के बयान के आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है। रामगोपाल दास को भी पूछताछ के लिए प्रयागराज लाया गया था। सीडब्ल्यूसी ने चाइल्डलाइन के माध्यम से दोनों बच्चों को आश्रय गृह में रखवाया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और कितने बच्चों से इस तरह भीख मंगवाई जा रही थी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)