प्रयागराज कोषागार पहुंचे केंद्रीय पेंशन कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव:डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने पर जोर, सुनी समस्याएं
केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग के अंतर्गत आने वाले पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग दिल्ली के संयुक्त सचिव ध्रुबज्योति सेनगुप्ता बुधवार को प्रयागराज आए। उन्होंने प्रयागराज कोषागार का दौरा कर मुख्य कोषाधिकारी दीपक कुमार रस्तोगी के साथ मिलकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) जमा करने के लिए लगाए गए विशेष कैंप का निरीक्षण किया। इस दौरान संयुक्त सचिव ने कोषागार में मौजूद पेंशनभोगियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बुजुर्ग पेंशनरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी हरसंभव सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने पेंशनभोगियों से डिजिटल माध्यम का उपयोग करने की अपील की। राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत शिविरों का संचालन
संयुक्त सचिव ने बताया कि हर पेंशनभोगी तक पहुंचने के लिए 1 से 30 नवंबर तक राष्ट्रव्यापी पांचवां डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अभियान चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य की ट्रेजरी के समन्वय से चल रहे इस अभियान के तहत पूरे देश में 3,000 से अधिक स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इस काम में करीब 1,400 नोडल अधिकारी, विभिन्न बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, यूआईडीएआई (UIDAI) और एनआईसी जीवन प्रमाण टीम आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। पिछले वर्ष इस अभियान के तहत 1.92 करोड़ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा हुए थे और इस वर्ष यह आंकड़ा 2 करोड़ के पार जाने की उम्मीद है। 'फेस ऑथेंटिकेशन' तकनीक सुरक्षित
पेंशनभोगियों के मन में डिजिटल डेटा और धोखाधड़ी को लेकर रहने वाली आशंकाओं को दूर करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि 'फेस ऑथेंटिकेशन' (चेहरे की पहचान) तकनीक आधार डेटाबेस से जुड़ी होती है। इसमें चेहरे के 100 से अधिक रिकग्निशन एट्रीब्यूट्स का मिलान होता है, जिससे यह प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है। डिजिटल माध्यम अपनाने से कागजी दस्तावेजों के गुम होने या उनकी फोटोकॉपी के दुरुपयोग का कोई खतरा नहीं रहता। उन्होंने सभी पेंशनभोगियों से यह अपील की गई है कि वे लंबी कतारों में लगने के बजाय अपने सबसे नज़दीकी कैंप, पोस्ट ऑफिस, बैंक शाखा या फिर घर बैठे 'फेस ऑथेंटिकेशन' तकनीक के जरिए अपना जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से दर्ज कराएं।
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