रामलीला में केवट संवाद और भरत मिलाप का मंचन:लखनऊ के नेपाली पार्क में दशरथ के निधन, शूर्पणखा अंगभंग और सीता हरण के प्रसंग भी दिखाए गए
केवट और भगवान राम का संवाद, दशरथ के निधन की खबर और चित्रकूट में भरत मिलाप के भावुक प्रसंग। नेपाली पार्क में बुधवार को रामलीला के मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं, शूर्पणखा अंगभंग, खर-दूषण वध और सीता हरण के दृश्यों ने रामायण की कथा को नया मोड़ दिया। चौक के बाग टोला स्थित नेपाली पार्क में शिशुबाल रामलीला समिति के 58वें रामलीला महोत्सव के छठवें दिन कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। संवाद और अभिनय के जरिए कलाकारों ने पात्रों के भावों को जीवंत किया। मंचन के दौरान दर्शक कभी भावुक हुए तो कभी अधर्म के विरुद्ध भगवान राम के संघर्ष के साक्षी बने। चित्रकूट में भरत मिलाप के दौरान दर्शन भावुक हो गए रामलीला में केवट संवाद के जरिए भगवान राम के प्रति भक्ति और समर्पण का भाव दिखाया गया। दशरथ मरण के प्रसंग ने परिवार के बिछोह और पुत्र वियोग की पीड़ा को सामने रखा। वहीं, चित्रकूट में भरत मिलाप के दौरान भाई के प्रति प्रेम, त्याग और कर्तव्य की भावना का मार्मिक चित्रण किया गया। इसके बाद शूर्पणखा अंगभंग और खर-दूषण वध के प्रसंगों का मंचन हुआ। सीता हरण के दृश्य के साथ कथा आगे बढ़ी। इन प्रसंगों के माध्यम से कलाकारों ने धर्म, मर्यादा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। रावण वध के साथ होगा समापन समिति पदाधिकारी प्रदीप टंडन ने बताया कि रामलीला महोत्सव का समापन लंका पर चढ़ाई, रावण वध और भगवान राम की अयोध्या वापसी के मंचन के साथ होगा। अंतिम दिन भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रमुख प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि रामलीला के आयोजन का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भगवान राम के आदर्शों और जीवन मूल्यों से जोड़ना है। रामायण के प्रसंगों के जरिए समाज तक मर्यादा, सत्य और धर्म के पालन का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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