सहारनपुर के मां भगवती मेले में रोहित-प्रधान की दो टूक:बोले-ताकत में आए तो हलवा-पराठा नहीं बिकेगा, यति नरसिंहानंद ने कहा- धर्म की लड़ाई में साथ हूं
सहारनपुर के गंगोह में चल रहे मां भगवती मेले में गुरुवार शाम पांच बजे के करीब उस समय हलचल बढ़ गई, जब महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती अपने काफिले के साथ रोहित प्रधान को लेकर पहुंचे। उनके साथ महामंडलेश्वर माता प्रत्ययानंद और महामंडलेश्वर यति महादेवनंद भी मौजूद रहे। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच सभी ने मां भगवती के दर्शन किए। दर्शन के बाद पुलिस ने सुरक्षा घेरे में काफिले को सकुशल रवाना किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कोतवाली प्रभारी ने खुद मोर्चा संभाले रखा। मेले में पहुंचने के बाद रोहित प्रधान ने कहा कि जिस दिन वह ताकत में आएंगे,उस दिन मेलों में हलवा-पराठा बिकना बंद हो जाएगा। उनके इस बयान के बाद मेले में दुकानों को लेकर पहले से चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया। दरअसल, करीब चार दिन पहले रोहित प्रधान ने गंगोह के मां भगवती मेले में मुस्लिम दुकानदारों की ओर से लगाई गई हलवा-पराठे की दुकानों को दो घंटे के भीतर हटाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद मेला कमेटी ने उनके रुख का विरोध जताया था। वहीं,भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारी मुस्लिम दुकानदारों के समर्थन में मेले में पहुंचे थे। इससे मामला और गरमा गया था। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि वह रोहित प्रधान के लिए मेले में आए हैं। उनके मुताबिक,रोहित को मां भगवती के दर्शन करने से रोके जाने की बात सामने आई थी,इसलिए वह उनके साथ पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक रोहित धर्म की लड़ाई लड़ते रहेंगे,तब तक वह हर तरह से उनके साथ खड़े रहेंगे। वहीं, रोहित प्रधान ने दावा किया कि पुलिस प्रशासन ने उनके मेले में आने पर रोक लगा रखी थी।इसके बावजूद वह गुरुवार शाम यति नरसिंहानंद सरस्वती और अन्य महामंडलेश्वरों के साथ पहुंचे और मां भगवती के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। काफिले के मेले में पहुंचने के दौरान पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा।कोतवाली प्रभारी ने पुलिस टीम के साथ सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। दर्शन के बाद पुलिस ने सभी को सुरक्षा के बीच मेले से रवाना किया।काफिले के सकुशल निकलने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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