शिया कॉलेज के शिक्षकों का काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन:लखनऊ में पेंशन बहाली-रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
लखनऊ में पुरानी पेंशन बहाली और रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करने की उम्र करने को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षकों की भी 30 मांगों का समर्थन किया। शिक्षकों ने सरकार के प्रति आक्रोश जताते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के आह्वान पर प्रदेशभर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में शिया कॉलेज शिक्षक फ्रंट के नेतृत्व में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। पुरानी पेंशन और 65 वर्ष हो रिटायरमेंट उम्र शिक्षकों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करना और फीडर कैडर का लाभ देना शामिल है। इसके अलावा सीनियर प्रोफेसर पद को डिग्री कॉलेजों में लागू करने, विश्वविद्यालय की समितियों में डिग्री कॉलेज शिक्षकों को शामिल करने और कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल (सीडीसी) का पद कॉलेज शिक्षकों को देने की मांग की गई। चिकित्सीय अवकाश उपलब्ध कराने और आकस्मिक अवकाश (सीएल) की संख्या 8 से बढ़ाकर 14 करने की मांग भी उठाई गई। काला फीता बांधकर सरकार को चेताया डॉ. अजय वीर ने कहा कि मांगों को पूरा नहीं किए जाने के विरोध में शिक्षकों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया है। काली पट्टी बांधकर सरकार को चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। लुआक्टा संयुक्त मंत्री डॉ. वहीद आलम ने कहा कि 30-40 साल तक सेवा करने वाले शिक्षकों को पेंशन नहीं मिल रही है, जबकि सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को पेंशन की सुविधा मिलती है। शिक्षकों ने फीडर कैडर लागू करने और प्रदेश में सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग भी दोहराई। प्रदर्शन में शिया कॉलेज शिक्षक फ्रंट के महामंत्री प्रो. आग़ा परवेज मसीह, फुपुक्टा प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप शर्मा, लुआक्टा विधिक प्रतिनिधि डॉ. कमलजीत मिश्रा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल रहे।
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