संभल हिंसा: आरोपी मुल्ला-अफरोज का तीसरा गवाह कोर्ट नहीं पहुंचा:बच्चों की तबीयत खराब होने पर मांगी अगली तारीख, 24 अक्टूबर को सुनवाई
संभल हिंसा से जुड़े बिलाल हत्याकांड में शुक्रवार को आरोपी मुल्ला अफरोज का तीसरा गवाह जिला न्यायालय में पेश नहीं हुआ। अफरोज की ओर से बच्चों की तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया और गवाह पेश करने के लिए अगली तारीख मांगी गई। इस पर अदालत ने सुनवाई के लिए 24 अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। मामले में प्रतिदिन सुनवाई चल रही है। इससे पहले 14 अक्टूबर को इसी मामले के आरोपी गुलाम ने कोर्ट में अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए कोई साक्ष्य या गवाह पेश करने से इनकार कर दिया था। अफरोज ने दी थी 11 गवाहों की सूची संभल की जिला न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह की अदालत में संभल कोतवाली के अपराध संख्या 340/2024 के तहत दर्ज बिलाल हत्याकांड की सुनवाई चल रही है। मुल्ला अफरोज की ओर से कोर्ट में 11 गवाहों की सूची दी गई थी। 15 अक्टूबर को अफरोज की ओर से फरोग आलम की गवाही हुई थी। इसके बाद गुरुवार को उसके भाई शहरोज आलम को दूसरे गवाह के रूप में पेश किया गया। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित गवाहों से जिरह कर रहे हैं। शुक्रवार को तीसरे गवाह के पेश नहीं होने के कारण अगली तारीख तय की गई। 14 अक्टूबर को गुलाम ने साक्ष्य देने से किया था इनकार इसी मामले में 14 अक्टूबर को आरोपी गुलाम ने अदालत में अपनी बेगुनाही के समर्थन में कोई साक्ष्य या गवाह देने से इनकार कर दिया था। वहीं, 9 अक्टूबर को कोर्ट में पेशी के दौरान अफरोज और गुलाम ने एक-दूसरे को पहचानने से इनकार किया था। दोनों ने कहा था कि उन्होंने कोई घटना नहीं की और पुलिस ने उन्हें झूठा फंसाया है। संभल हिंसा से जुड़े अन्य मामलों में भी आरोपी संभल कोतवाली में नईम हत्याकांड के संबंध में अपराध संख्या 338/2024, अयान हत्याकांड में 339/2024 और बिलाल हत्याकांड में 340/2024 दर्ज है। वहीं, नखासा थाने में कैफ हत्याकांड के संबंध में अपराध संख्या 306/2024 दर्ज है। इन मामलों में शारिक साठा के कथित गुर्गे वारिस, अफरोज और गुलाम आरोपी हैं। मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने चंदौसी स्थित सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट में संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी। अदालत के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे किया गया, जबकि दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर को हुआ। दूसरे चरण के सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुट गए। इसी दौरान हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव और फायरिंग की घटनाएं हुईं, जिनमें पांच लोगों की मौत हो गई। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एएसपी अनुज चौधरी समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
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