तेज प्रताप के आरोपों पर BJP-कांग्रेस का जवाब

जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की ओर से मंत्री संजय सिंह पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर बिहार की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस ने कहा है कि ठोस प्रमाण के बिना वह आरोपों पर टिप्पणी नहीं करेगी, जबकि बीजेपी ने व्यक्तिगत आरोपों से बचने की सलाह दी है। संजय सिंह ने आरोपों को झूठा बताते हुए तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा है।

Sep 01, 2026 - 15:56
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तेज प्रताप के आरोपों पर BJP-कांग्रेस का जवाब

दि राइजिंग न्यूज़ | बिहार | 01 सितंबर 2026 

जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने मंत्री संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों पर बीजेपी और कांग्रेस ने बिना ठोस सबूत के टिप्पणी करने से इनकार किया है। संजय सिंह ने आरोपों को झूठा और निराधार बताते हुए तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा है।

तेज प्रताप यादव ने मंत्री संजय सिंह पर लगाए गंभीर आरोप, कांग्रेस ने मांगे सबूत; बीजेपी ने भी व्यक्तिगत आरोपों से बचने की सलाह दी

जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की ओर से लोक जनशक्ति पार्टी के विधायक एवं मंत्री संजय सिंह पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। तेज प्रताप यादव ने संजय सिंह पर दिल्ली दौरे के दौरान एक महिला कर्मचारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार और शोषण के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इसके साथ ही उन्होंने मामले को दबाने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये के लेन-देन का भी दावा किया था। हालांकि, संजय सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है।

तेज प्रताप के आरोपों पर कांग्रेस ने क्या कहा

बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने तेज प्रताप यादव के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस बिना ठोस प्रमाण के किसी व्यक्ति के खिलाफ टिप्पणी नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति सैद्धांतिक और वैचारिक मुद्दों पर आधारित है और पार्टी किसी व्यक्ति का चरित्र हनन करने के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक, आरोप लगाने वाले व्यक्ति को अपने दावों के समर्थन में प्रमाण सार्वजनिक करना चाहिए।असित नाथ तिवारी ने कहा कि जब तक संजय सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों के ठोस प्रमाण सामने नहीं आते, तब तक कांग्रेस इस मामले में कोई राजनीतिक रुख नहीं अपनाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोपों के समर्थन में प्रमाण सामने आते हैं तो पार्टी तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगी। कांग्रेस ने इस मामले में फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप से दूरी बनाए रखने का संकेत दिया है।

बीजेपी ने भी व्यक्तिगत आरोपों से बचने की दी सलाह

बिहार बीजेपी के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी इस विवाद पर व्यक्तिगत आरोप लगाने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति में एक-दूसरे पर व्यक्तिगत आरोप लगाने के बजाय यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे उचित माध्यम से सामने लाना चाहिए। बीजेपी नेता के मुताबिक, चुनावी राजनीति में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन आरोपों को प्रमाण के साथ सामने रखना जरूरी है।कुंतल कृष्ण ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास किसी मामले से जुड़े प्रमाण मौजूद हैं तो संबंधित धाराओं के तहत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके बाद जांच के माध्यम से यह स्पष्ट हो सकता है कि आरोपों में कितनी सच्चाई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

क्या है तेज प्रताप यादव और संजय सिंह के बीच विवाद

तेज प्रताप यादव पिछले विधानसभा चुनाव में महुआ सीट से संजय सिंह के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे थे। इस चुनाव में तेज प्रताप यादव को हार का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। तेज प्रताप यादव ने हाल ही में सामाजिक माध्यम पर एक संदेश के जरिए संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए।तेज प्रताप यादव ने दावा किया कि दिल्ली दौरे के दौरान एक बड़े होटल में संजय सिंह ने एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने महिला के साथ शोषण का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा तेज प्रताप ने दावा किया कि कथित मामले को दबाने और समाप्त करने के लिए 25 लाख रुपये के लेन-देन की बात सामने आई थी।

संजय सिंह ने आरोपों को बताया झूठा

तेज प्रताप यादव के आरोपों के बाद संजय सिंह ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए तेज प्रताप यादव के खिलाफ कानूनी कदम उठाया है। संजय सिंह की ओर से तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजे जाने की बात सामने आई है।इस मामले में अभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने भी बिना प्रमाण के व्यक्तिगत आरोपों पर टिप्पणी करने से दूरी बनाई है। ऐसे में अब इस विवाद में आगे किसी जांच, प्रमाण या कानूनी कार्रवाई से ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होने की उम्मीद है।

बीजेपी-कांग्रेस के रुख से क्या संकेत मिलते हैं

तेज प्रताप यादव के आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर सियासी चर्चा जरूर शुरू हुई, लेकिन बीजेपी और कांग्रेस ने सीधे तौर पर किसी पक्ष का समर्थन नहीं किया है। दोनों दलों ने प्रमाण सामने आने की जरूरत पर जोर दिया है। इससे साफ है कि राजनीतिक दल फिलहाल बिना पुष्ट तथ्यों के इस विवाद में खुलकर उतरने से बच रहे हैं।मामला अब आरोपों से आगे बढ़कर कानूनी प्रक्रिया की दिशा में जाता दिखाई दे रहा है। एक तरफ तेज प्रताप यादव अपने आरोपों पर कायम हैं, जबकि दूसरी तरफ संजय सिंह ने आरोपों को निराधार बताते हुए मानहानि का नोटिस भेजा है। आने वाले दिनों में यदि कोई प्रमाण या आधिकारिक जांच सामने आती है तो विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

मुख्य बातें

  • तेज प्रताप यादव ने संजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • संजय सिंह ने आरोपों को झूठा और निराधार बताया है।
  • संजय सिंह ने तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा है।
  • बिहार कांग्रेस ने बिना प्रमाण टिप्पणी करने से इनकार किया है।
  • बिहार बीजेपी ने व्यक्तिगत आरोपों से बचने की सलाह दी है।
  • दोनों दलों ने आरोपों के समर्थन में प्रमाण सामने लाने की बात कही है।

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