त्योहार पर सफाई व्यवस्था के लिए 24 घंटे मुस्तैद नगर-निगम:रोज उठ रहा 2000 टन कूड़ा, दिवाली पर रात भर होगी सफाई
देश की सांस्कृतिक राजधानी और बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में इस समय त्योहारों की धूम है। दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज जैसे महापर्वों की श्रृंखला को देखते हुए शहर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। त्योहारों के इस उल्लास के बीच शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है। लेकिन वाराणसी नगर निगम इस बार पूरी तरह से मुस्तैद और हाई अलर्ट पर है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए सफाई व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया गया है और निगम के कर्मचारी दिन-रात काम कर रहे हैं। त्योहारों में दोगुना हुआ शहर का कचरा, 2000 टन तक पहुंची मात्रा
संदीप श्रीवास्तव ने बताया - पर्वों के दौरान बाजारों में बढ़ी रौनक और घरों की साफ-सफाई के कारण शहर से निकलने वाले कचरे की मात्रा में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पीआरओ संदीप श्रीवास्तव के अनुसार, आम दिनों में वाराणसी शहर से प्रतिदिन लगभग 1000 से 1200 टन कूड़ा निकलता था। लेकिन दीपावली और अन्य आगामी त्योहारों के कारण यह मात्रा लगभग दोगुनी होकर अब 2000 टन प्रतिदिन तक पहुंच गई है। कचरे की इस भारी मात्रा को संभालना निगम के लिए एक बड़ी परीक्षा है, जिसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और धरातलीय इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। तीन शिफ्टों में 8 हजार सफाई कर्मी संभाल रहे कमान
उन्होंने बताया - कूड़े की बढ़ी हुई मात्रा और शहर की सुचारू सफाई के लिए नगर निगम ने अपने मानव संसाधन को पूरी क्षमता के साथ मैदान में उतार दिया है। संदीप श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि निगम के लगभग 7.5 से 8 हजार सफाई कर्मियों को इस कार्य में लगाया गया है। शहर में कहीं भी गंदगी का अंबार न लगे, इसके लिए चौबीसों घंटे (24x7) सफाई कार्य सुनिश्चित किया जा रहा है। सफाई व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए इसे तीन अलग-अलग शिफ्टों में विभाजित किया गया है। दिन और रात की रूटीन शिफ्टों के अलावा, देर रात और भोर के समय भी विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है ताकि सुबह होते ही शहर पूरी तरह चमकदार और साफ नजर आए। कचरा उठान के लिए गाड़ियों के फेरे बढ़े
पीआरओ ने बताया - सिर्फ सड़कों की झाड़ू लगाना ही नहीं, बल्कि कूड़े का त्वरित उठान भी नगर निगम की प्राथमिकता में शामिल है। पीआरओ ने बताया कि वार्डों और डंपिंग पॉइंट से कचरा उठाने वाली गाड़ियों के फेरों (ट्रिप्स) की संख्या में काफी वृद्धि की गई है। गाड़ियों के फेरे बढ़ने से मुख्य मार्गों, चौराहों और आंतरिक गलियों में कहीं भी कचरा लंबे समय तक जमा नहीं रह पाएगा। यह सारा कचरा तेजी से उठाते हुए सीधे प्रोसेसिंग प्लांट तक भेजा जा रहा है, जिससे शहर के भीतर डंपिंग की समस्या पैदा न हो और प्रदूषण पर भी नियंत्रण रखा जा सके। दीपावली की रात भी होगी विशेष सफाई, घाटों पर रहेगी पैनी नजर
वाराणसी के विश्वप्रसिद्ध घाटों और धार्मिक स्थलों पर त्योहारों के समय पैर रखने की जगह नहीं होती। इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने घाटों के लिए विशेष रणनीति बनाई है। संदीप श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि दीपावली के दिन और उसके बाद की रातों में भी सफाई व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी। देर रात तक उत्सव समाप्त होने के बाद भी कर्मचारी मुस्तैद रहेंगे और तुरंत पूरे क्षेत्र को साफ करेंगे। गंगा घाटों से लेकर शहर के हर कोने, प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता का विशेष स्तर बनाए रखा जाएगा। काशीवासियों से विशेष अपील
नगर निगम की तैयारियों को साझा करने के साथ ही पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने समस्त काशीवासियों को दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से इस सफाई महाअभियान में भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने अपील करते हुए कहा, काशीवासी अपने शहर को साफ और स्वच्छ रखने में सहयोग करें। सड़कों पर या खुले में कूड़ा न फेंकें। त्योहार के उत्साह में प्रतिबंधित प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि यह हमारे पर्यावरण और ड्रेनेज सिस्टम के लिए बेहद हानिकारक है। आइए मिलकर काशी को स्वच्छ और सुंदर बनाएं।
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