मैनपुरी के कुरावली में डीएपी खाद की भीषण किल्लत:सुबह से केंद्रों पर लाइन में लगे किसान, दोपहर तक गोदामों में लटके रहे ताले

Nov 06, 2026 - 16:00
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मैनपुरी के कुरावली में डीएपी खाद की भीषण किल्लत:सुबह से केंद्रों पर लाइन में लगे किसान, दोपहर तक गोदामों में लटके रहे ताले
मैनपुरी जिले के कुरावली क्षेत्र में डीएपी खाद न मिलने से किसानों की समस्याएं दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही हैं। शुक्रवार सुबह 7 बजे से ही गेलानाथ स्थित खाद केंद्र पर खाद मिलने की उम्मीद में 100 से अधिक किसान जमा हो गए थे। हालांकि, दोपहर 2 बजे तक केंद्र का ताला नहीं खुला और किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार अगले दिन आने या छुट्टी होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया जाता है, जिससे उनकी खेती का काम प्रभावित हो रहा है। 3 दिन से चक्कर काट रहे बुजुर्ग किसान, निराश होकर लौटे जहान सिंह ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वह पिछले तीन दिनों से लगातार खाद के लिए केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। आंखों की समस्या होने के बावजूद वह सुबह से केंद्र पर खड़े रहे, लेकिन उन्हें डीएपी की एक बोरी तक नहीं मिली। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से की जाने वाली व्यवस्थाएं धरातल पर उन तक नहीं पहुंच रही हैं, जिससे उन्हें खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। किसानों ने एसडीएम से की शिकायत लखौरा से आए किसान शिवराज सिंह ने बताया कि वह सुबह 7 बजे से पहुंचे थे और 5 घंटे इंतजार के बाद भी कोई कर्मचारी नहीं आया। परेशान होकर किसान शिकायत लेकर एसडीएम के पास पहुंचे। शिवराज सिंह के अनुसार, एसडीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को फोन कर निर्देश दिया कि 1 घंटे के भीतर गोदाम खोलकर डीएपी खाद का वितरण सुनिश्चित किया जाए ब्लैक मार्केटिंग और मनमानी का आरोप देवीनगर से आईं महिला किसान सोनी ने खाद वितरण व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह पिछले 5 दिनों से एक बोरी खाद के लिए भटक रही हैं। आम किसानों को खाद खत्म होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है, जबकि जान-पहचान वाले लोगों को आसानी से खाद दी जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने निर्धारित 1400 रुपये प्रति बोरी की जगह 1500 रुपये में डीएपी बेचने और अवैध वसूली करने का भी आरोप लगाया। किसानों ने उठाई खाद की नियमित आपूर्ति और पारदर्शी वितरण की मांग फसल बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाद न मिलने से किसानों की परेशानी चरम पर है। प्रतिदिन घंटों इंतजार करने और टालमटोल के रवैये से आक्रोशित किसानों ने प्रशासन से खाद की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित कराने, निर्धारित मूल्य पर बिक्री कराने और वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की जोरदार मांग की है।

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