तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं को मिलेगा घर और हेल्थ कवर

उत्तर प्रदेश सरकार तीन तलाक, एसिड अटैक, घरेलू हिंसा और अन्य गंभीर सामाजिक उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा और पुनर्वास सुविधाएं देने की तैयारी में है। योजना का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित जीवन, चिकित्सा सहायता और आत्मनिर्भरता प्रदान करना है।

तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं को मिलेगा घर और हेल्थ कवर

दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 9 जून 2026

तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़िताओं को राहत

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं के कल्याण और सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सरकार तीन तलाक, एसिड अटैक, घरेलू हिंसा और अन्य गंभीर सामाजिक तथा आपराधिक परिस्थितियों की शिकार महिलाओं को आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत ऐसी महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि सामाजिक उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि सुरक्षित जीवन और सम्मानजनक पुनर्वास की भी आवश्यकता होती है।

आवास सुविधा पर विशेष फोकस

योजना के तहत पात्र महिलाओं को सरकारी आवास योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। जिन महिलाओं के पास रहने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं है या जो प्रतिकूल परिस्थितियों में जीवन गुजार रही हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि तीन तलाक या घरेलू हिंसा के मामलों में कई महिलाओं को घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसे में आवास सुविधा उनके पुनर्वास का सबसे महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

स्वास्थ्य सुरक्षा का मिलेगा लाभ

सरकार पीड़ित महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज से भी जोड़ने की तैयारी कर रही है। विशेष रूप से एसिड अटैक पीड़िताओं को लंबे समय तक चिकित्सा उपचार और कई बार सर्जरी की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में इलाज का खर्च काफी अधिक होता है। प्रस्ताव के अनुसार पात्र महिलाओं को स्वास्थ्य बीमा या विशेष चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है ताकि उन्हें इलाज के लिए आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।

पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर

योजना का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसके लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार योजनाओं और विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों से जोड़ने की भी तैयारी की जा रही है। सरकार चाहती है कि पीड़ित महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनें तथा सम्मानजनक जीवन जी सकें।

महिला कल्याण विभाग करेगा क्रियान्वयन

योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी महिला कल्याण विभाग को दी जा सकती है। विभाग पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। इसके लिए अलग अलग श्रेणियों की पीड़ित महिलाओं का डेटा तैयार किया जा रहा है ताकि सहायता सही लाभार्थियों तक पहुंच सके।

सामाजिक सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

यदि यह योजना प्रभावी रूप से लागू होती है तो इससे हजारों महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा और पुनर्वास जैसी सुविधाएं महिलाओं को नए सिरे से जीवन शुरू करने का अवसर प्रदान कर सकती हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल महिला सुरक्षा, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।