युवक को 6 दिन तक थाने में रखने का आरोप:हाईकोर्ट ने मांगे CCTV फुटेज, मां ने पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट में दी अर्जी; दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
देवरिया के सलेमपुर कोतवाली में एक युवक को छह दिन तक थाने में बैठाकर रखने का आरोप लगा है। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने पुलिस से थाने के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और युवक की गिरफ्तारी से जुड़े कागजात मांगे हैं। इस मामले में सलेमपुर के तत्कालीन कोतवाल विनोद कुमार सिंह और दरोगा दीप नारायण यादव को निलंबित किया जा चुका है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। यह मामला खामपार थाना क्षेत्र के कुकुरघाटी गांव के रहने वाले चंदन राजभर और एक युवती से जुड़ा है। आरोप है कि चंदन 14 अगस्त 2026 को युवती को सलेमपुर में उसके किराए के मकान से अपने साथ ले गया था। युवती की मां ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद 18 अगस्त को चंदन के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुणे से युवक और युवती को लाई पुलिस पुलिस को 20 अगस्त को पता चला कि चंदन और युवती पुणे में हैं। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची। पुलिस ने 24 अगस्त को दोनों को अपने साथ लिया और सलेमपुर के लिए रवाना हुई। टीम 27 अगस्त की रात कोतवाली पहुंची। कोतवाली में युवती को महिला चौकी में रखा गया, जबकि चंदन को थाने में बैठाया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही थी। युवती के आरोप के बाद चंदन को जेल भेजा पुलिस के मुताबिक, बाद में युवती ने आरोप लगाया कि चंदन उसे अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने युवती की मेडिकल जांच कराई और अदालत में उसका बयान दर्ज कराया। दो सितंबर 2026 को पुलिस ने चंदन को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। वह अभी देवरिया जिला जेल में बंद है। युवती के आरोपों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। वहीं, चंदन की मां ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मां ने हाईकोर्ट से मांगा इंसाफ चंदन की मां ज्ञांती देवी ने अक्टूबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की। उनका आरोप है कि पुलिस ने चंदन की गिरफ्तारी दिखाने से पहले कई दिनों तक उसे थाने में बैठाकर रखा। उन्होंने अदालत से मामले में मदद की मांग की। इस अर्जी में राज्य सरकार, देवरिया के पुलिस अधीक्षक और सलेमपुर कोतवाली प्रभारी को पक्ष बनाया गया है। हाईकोर्ट ने मांगी थाने की रिकॉर्डिंग नौ अक्टूबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा था। अदालत ने 27 अगस्त की शाम से दो सितंबर की रात तक सलेमपुर कोतवाली के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देने को कहा। साथ ही चंदन की गिरफ्तारी से जुड़े कागजात भी मांगे। इनसे पता चल सकेगा कि चंदन कब और कितने समय तक थाने में रहा। 23 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई नहीं हो सकी। जांच के बाद दो पुलिसकर्मी निलंबित इस मामले की जांच सीओ गौरव सिंह ने की थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि तत्कालीन कोतवाल विनोद कुमार सिंह और दरोगा दीप नारायण यादव ने जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों को निलंबित कर दिया। अब हाईकोर्ट में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और गिरफ्तारी से जुड़े कागजात के आधार पर मामले की आगे सुनवाई होगी।
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