यूपी विधान परिषद में सपा की बढ़ी ताकत, नेता प्रतिपक्ष का पद बचा; 2027 चुनाव पर नजर
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 29 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों पर हुए चुनाव में समाजवादी पार्टी ने चार सीटों पर जीत दर्ज की। वर्ष 2020 के चुनाव में पार्टी ने तीन सीटें जीती थीं। इस बार बेहतर प्रदर्शन के बाद विधान परिषद में सपा की सदस्य संख्या 10 से बढ़कर 12 होने की संभावना जताई गई। लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह ने भाजपा प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह को हराया। वहीं, आगरा शिक्षक सीट से आकाश अग्रवाल और वाराणसी शिक्षक सीट से लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की। वाराणसी स्नातक सीट पर मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा आगे चल रहे थे। इन परिणामों से सदन में सपा की स्थिति और नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर चर्चा तेज हो गई।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए उन्हें ‘पीडीए के पांडव’ बताया। पार्टी सांसद डिंपल यादव ने इस जीत को परिवर्तन की शुरुआत बताते हुए दावा किया कि पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और युवा वर्ग का समर्थन सपा को मिल रहा है। फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी चुनाव परिणामों को पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से जोड़ा और भाजपा पर गोरखपुर सीट पर अधिकारियों के दबाव का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। दूसरी ओर, ओम प्रकाश राजभर ने चुनाव के बाद अखिलेश यादव पर निशाना साधा। विधान परिषद चुनाव के नतीजों को सपा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है, लेकिन इन परिणामों से विधानसभा चुनाव का नतीजा तय नहीं माना जा सकता, क्योंकि दोनों चुनावों के मतदाता वर्ग अलग-अलग हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)