बिहार में मछली खाने से बचें! नेपाल बाढ़ के बीच सरकार की बड़ी सलाह

बिहार में बाढ़ के बीच सरकार ने बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन नहीं करने की सलाह दी है। नेपाल की बाढ़ के बाद कुछ क्षेत्रों में अज्ञात मछलियां पहुंचने की सूचना मिली है।

Sep 01, 2026 - 15:27
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बिहार में मछली खाने से बचें! नेपाल बाढ़ के बीच सरकार की बड़ी सलाह

दि राइजिंग न्यूज़ | बिहार | 01 सितंबर 2026 

बिहार में बाढ़ के बीच राज्य सरकार ने लोगों को बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियां नहीं खाने की सलाह दी है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के कुछ इलाकों में अज्ञात और असामान्य मछलियां पहुंचने की सूचना मिली है। इनके सेवन से कुछ लोगों के बीमार पड़ने की खबर है। सरकार ने लोगों से ऐसी मछलियों से सावधानी बरतने और बिना पुष्टि के उनका सेवन नहीं करने की अपील की है।

नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के कुछ इलाकों में पहुंची अज्ञात मछलियां, सेवन से बीमार पड़ने की सूचना

बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति के बीच राज्य सरकार ने लोगों के लिए मछली के सेवन को लेकर महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। मत्स्य प्रभाग ने लोगों से बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को नहीं खाने की अपील की है। नेपाल से आए बाढ़ के पानी के साथ बिहार के कुछ क्षेत्रों में अज्ञात और असामान्य प्रकार की मछलियां पहुंचने की सूचना मिली है। इनके सेवन के बाद कुछ लोगों के बीमार पड़ने की खबर भी सामने आई है।

बाढ़ के पानी में मिली अज्ञात मछलियों से रहें सावधान

बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग की ओर से 31 अगस्त को इस संबंध में सलाह जारी की गई। विभाग के अनुसार बाढ़ के दौरान तालाबों, नदियों, झीलों और जलाशयों से मछलियां निकलकर बाढ़ के पानी के साथ दूसरे क्षेत्रों तक पहुंच जाती हैं। ऐसी स्थिति में मछलियों के दूषित होने की आशंका बढ़ जाती है।विभाग ने बताया कि बाढ़ का पानी कई बार गंदी नालियों, मृत जानवरों और अन्य प्रकार की गंदगी के संपर्क में आता है। इस कारण पानी में मौजूद मछलियों में जीवाणु, विषाणु और कवक जैसे हानिकारक तत्व पहुंच सकते हैं। ऐसी मछलियों का सेवन करने से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसलिए लोगों को बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों से फिलहाल दूरी बनाने की सलाह दी गई है।

कब खा सकते हैं मछली

सरकार की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि जब तक बाढ़ की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन नहीं करना चाहिए। वातावरण के स्थिर होने और प्राकृतिक रूप से गंदगी तथा रोग फैलाने वाले कारकों के समाप्त होने तक सावधानी बरतने की जरूरत है। विभाग ने लोगों से अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस सलाह का पालन करने की अपील की है।इसके साथ ही बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों को बाजार में बेचने से भी मना किया गया है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बिना पहचान और संबंधित विभाग से पुष्टि के किसी भी अपरिचित या असामान्य मछली को न खरीदें और न ही उसका सेवन करें। इस तरह की सावधानी से संभावित स्वास्थ्य संबंधी खतरे को कम किया जा सकता है।

मछली खाने के बाद तबीयत बिगड़े तो क्या करें

सरकार की सलाह के अनुसार यदि किसी व्यक्ति ने ऐसी मछली का सेवन किया है और उसके बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर आने या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाना चाहिए। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है। समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी बताया गया है।विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें बाढ़ के पानी में कोई अज्ञात या असामान्य मछली दिखाई देती है, तो इसकी सूचना जिला मत्स्य पदाधिकारी या स्थानीय प्रशासन को दें। लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने और केवल प्रशासन की ओर से जारी जानकारी पर ध्यान देने की अपील की गई है।

बिहार में बाढ़ के बीच लोगों से सावधानी बरतने की अपील

बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित है। ऐसे समय में दूषित पानी और उससे जुड़े खाद्य पदार्थों से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सरकार की ओर से जारी मछली संबंधी सलाह भी इसी सावधानी का हिस्सा है। लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ के दौरान अपने खान-पान को लेकर विशेष सतर्कता बरतें।नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के कुछ क्षेत्रों में अज्ञात मछलियों के पहुंचने की सूचना ने प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। फिलहाल लोगों को बाढ़ के पानी से पकड़ी गई मछलियों का सेवन नहीं करने और ऐसी मछलियों की जानकारी प्रशासन को देने की सलाह दी गई है। जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक सावधानी बरतना ही सुरक्षित विकल्प है।

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