ब्लॉक प्रमुख सहित आठ आरोपियों को आज सुनाई जाएगी सजा:2007 में डबल मर्डर के मामले में फैसला सुरक्षित, 17 गवाहों ने दी है गवाही
आजमगढ़ में लगभग 19 साल पूर्व प्रधानी के चुनाव के रंजिश को लेकर दोहरे हत्याकांड में आठ आरोपियों की तथा इसी मुकदमे के क्रॉस केस में कातिलाना हमले के मुकदमे मे छ आरोपियों को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर अदालत आज 29 अक्टूबर को फैसला सुनायेगी। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक कमलापति ने सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार मोदी मुकदमा रामजन्म सिंह निवासी रुदरी थाना रानी की सराय 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन सुबह नौ बजे अपने दरवाजे पर बैठे हुए थे।तभी गांव के प्रधान विपिन सिंह, राजेश सिंह, चुन्नू उर्फ़ रणविजय,बलवंत सिंह, राधेश्याम सिंह,छोटू उर्फ पंकज, लोकनाथ सिंह, जीवन प्रकाश तथा शिवदास सिंह हथियारों से लैस हो कर दरवाजे पर आ गए। विपिन सिंह के ललकारने पर यह लोग उत्तर की तरफ भाग्य तभी विपिन ने तालुकदार सिंह को गोली मार दी और राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मार दिया शेष लोगों ने रामजन्म सिंह भतीजे अंकित सिंह और आशीष को लाठी डंडे से मारा मौके पर ही तालुकदार और पारस नाथ सिंह की मृत्यु हो गई। इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान मुकदमा आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई। इस मामले अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडे तथा विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह की तरफ से कुल सत्रह गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। दर्ज हुआ था क्रॉस केस
उधर इसी के क्रॉस केस मे वादी मुकदमा विपिन सिंह ने कातिलाना हमले की एफ आई आर दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार आरोपी रामदरस, आशीष सिंह,शक्ति सिंह,दीपक सिंह और रामजन्म सिंह ने उनके समर्थक बलवंत तथा अरविंद को बुरी तरह से मारा पीटा और असलहों से फायर किया जिससे वादी विपिन सिंह के पैर में गोली लगी। इस मामले में पुलिस ने छ आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से कुल 22 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया दोनों पक्षों के दलों को सुनने के बाद अदालत में सभी छह आरोपियों को कातिलाना हमले और मारपीट का दोषी पाया।
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