बोगस फर्मों के जरिए 13.27 करोड़ की टैक्स चोरी:पिलखुवा की आरके ट्रेडर्स का पंजीयन रद्द करने और संचालक पर एफआईआर की तैयारी
हापुड़ के पिलखुवा में गारमेंट्स कारोबार के लिए पंजीकृत आरके ट्रेडर्स ने बोगस फर्मों के जरिए 13.27 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की। जीएसटी विभाग की जांच में फर्म का पंजीकृत पता अस्तित्वहीन मिला। मौके पर न तो कारोबार मिला और न ही फर्म का संचालक। विभाग ने फर्म का पंजीयन रद्द करने और संचालक अमित कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीजीएसटी क्षेत्राधिकार के तहत पिलखुवा के खेड़ा बस स्टैंड पर अमित कुमार ने मई 2026 में गारमेंट्स कारोबार के लिए जीएसटी पंजीयन कराया था। मई से नवंबर के बीच फर्म ने 58.62 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया। इस दौरान 11.85 करोड़ रुपए का टैक्स बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के जरिए समायोजित किया गया। जांच में मौके पर नहीं मिली फर्म संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह के निर्देशन में जीएसटी एसआईबी टीम ने जांच शुरू की। उपायुक्त विमल कुमार और सीटीओ सतीश तिवारी व्यापार स्थल पर पहुंचे तो वहां फर्म का कोई अस्तित्व नहीं मिला। टीम ने संचालक के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद मिला। जांच में फर्म के जरिए बोगस आईटीसी लेने और उसे दूसरी फर्मों तक पहुंचाने का मामला सामने आया। राजस्थान से जम्मू-कश्मीर तक की फर्मों से लिया लाभ जांच में सामने आया कि आरके ट्रेडर्स ने राजस्थान की अस्तित्वहीन फर्म से 5.33 करोड़ रुपए, जम्मू-कश्मीर की बोगस फर्म से 2.15 करोड़ रुपए, मेरठ की फर्म से 1.71 करोड़ रुपए और प्रयागराज की बोगस फर्म से 2.23 करोड़ रुपए की आईटीसी ली। इस तरह कुल 11.44 करोड़ रुपए की बोगस आईटीसी दिल्ली की फर्मों को पास ऑन की गई। इसके अलावा 1.83 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आईटीसी क्लेम कर दिल्ली की फर्मों को ट्रांसफर की गई। 62.19 लाख की आईटीसी ब्लॉक, एफआईआर की तैयारी जीएसटी विभाग ने फर्म के क्रेडिट लेजर में उपलब्ध 62.19 लाख रुपए की आईटीसी ब्लॉक कर दी है। पंजीयन रद्द करने के लिए केंद्रीय प्राधिकारी को पत्र भेजा गया है। वहीं, 13.27 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी के मामले में फर्म संचालक अमित कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)