देश में अब तक 12 बार हुआ SIR:संबित पात्रा बोले - कांग्रेस ने 10 बार कराया SIR, 13 करोड़ वोट चोरी की बात झूठी
वाराणसी में SIR पर चर्चा करने पहुंचे भाजपा के सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा जब विपक्ष आरोप लगा रहा है कि 13 करोड़ वोट चोरी हुए वह गलत है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर एक गलत वातावरण देश में फैलाया जा रहा है। यह SIR पहली बार नहीं हो रहा है। 2025 में शुरू हुआ SIR देश का 12वां SIR है। भाजपा ने दो बार और कांग्रेस सरकार ने 10 बार SIR करवाया है। कांग्रेस ने कराया 10 SIR
भाजपा सासंद संबित पात्रा ने कहा - अभी तक देश में 12 SIR हो चुके हैं। 1952 में पहला, 1957 में दूसरा, 1961 में तीसरा, 1965 में चौथा, 1966 में पांचवां, 1983-84 में छठवां, 1987 से 89 तक सातवां, 1992 से 1993 तक आठवां, 1995 में नौंवा, 2002 से 2003 तक दसवां SIR, 2004 में ग्यारहवां और 12वां अभी 2025 में SIR बिहार के चुनाव के दौरान शुरू हुआ और अभी यह समाप्त नहीं हुआ है। यह एक ऑनगोइंग प्रोसेस है। उत्तर प्रदेश में अप्रेल में प्रकाशित हुआ है। यह आरोप गलत है कि सिर्फ हम करवा रहे SIR को। 13 करोड़ वोट चोरी होते तो सड़कों पर लोग होते
संबित पात्रा ने कहा - 13 करोड़ वोट चोरी का विपक्ष का आरोप गलत है। अगर किसी का वोट चोरी होता तो लोग सड़कों पर आंदोलन कर रहे होते। शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और और काटने की एक प्रक्रिया है जिसे ASDD कहते हैं। इसका मतलब A यानी अपसेंट, S यानी शिफ्टेड, D यानी जिसकी मौत हो गयी है। और दूसरा D यानी डुप्लीकेट जिसका दो जगह नाम होगा उसका नाम कटेगा। शिफ्टेड के 6 करोड़ लोग वापस बने वोटर
संबित पात्रा ने 13 करोड़ की संख्या का जो आंकड़ा है वो कैसे बनी के सवाल पर बताया कि ASDD में जो अपसेंट हैं उनकी संख्या करीब 3 करोड़ है। BLO की जांच में आप अपने घर में नहीं मिले इसलिए आप अपसेंट में हैं। बाद में आएंगे तो आप फ़ार्म 6 भरकर आपका नाम 21 दिन में चढ़ जाएगा। तो ये तीन करोड़ भी घटकर वापस लिस्ट में चले जाएंगे। दूसरा शिफ्टेड यानी S, मै काशी रहता था और गाजियाबाद चला गया। तो यह वोटर शिफ्ट हो गया लेकिन उसने फ़ार्म 6 नहीं भरा। पहले यह संख्या 12 करोड़ थी। लेकिन जैसे जैसे यह बात फैली तो अब तक 6 करोड़ लोग वोटर लिस्ट में दोबारा शामिल हो गए हैं। परिजन मौत के बाद नहीं कटवाते नाम
उन्होंने आगे कहा - 45 करोड़ हिन्दुस्तानी 20 साल में शिफ्ट हुए। यह इतने बड़े लोकतंत्र में स्वाभाविक प्रक्रिया है। D यानी डेथ में करीब 2 करोड़ 80 लाख लोगों के वोट कटे हैं। ये सभी मृत घोषित किये गए हैं। किसी के घर में कोई मृत होता है तो लोग सब कुछ करते हैं लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नाम कटवाने का काम कोई नहीं करता है। इसलिए यह शुद्धिकरण किया जाता है। अंतिम D यानी डुप्लीकेट यानी एक आदमी का वोट दो जगह। काशी में भी हो और गाजियाबाद में भी। सर्वाधिक वोट शहरों में कटे क्योंकि लोग गांव से शहर में आये थे। लेकिन जब SIR हुआ तो लोगों ने शहर में कटवाकर गांव में वोट रखा कुल 1 करोड़ लोगों का ऐसा वोट कटा है। और सब मिलकर 13 करोड़ होता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)