धनतेरस पर सीतापुर में 158 करोड़ का कारोबार:बाजारों में देर रात तक रही भीड़, 1,072 दोपहिया और 237 चार पहिया वाहनों की बिक्री
सीतापुर में धनतेरस पर शुक्रवार को शहर के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। सुबह से देर रात तक बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। सर्राफा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन और पूजन सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की खूब चहल-पहल रही। शुभ मुहूर्त में खरीदारी की परंपरा निभाने के लिए लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार जमकर खरीदारी की। बाजारों की रौनक से कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे। इस धनरेतस पर 158 करोड़ के कारोबार होने का अनुमान है। चांदी रही ग्राहकों की पहली पसंद सर्राफा बाजार में चांदी के सिक्कों, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों और आभूषणों की मांग रही। हालांकि सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भी देखने को मिला। आभूषण कारोबारी चंदन के मुताबिक, चांदी के गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां करीब 1500 रुपये में बिकीं। चांदी के सिक्के और डॉलर भी ग्राहकों की पसंद बने रहे। वहीं मिट्टी और प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों की भी खूब बिक्री हुई। वाहनों की बिक्री में भी दिखा उत्साह धनतेरस पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों के शोरूम में भी ग्राहकों की भीड़ रही। हीरो मोटरसाइकिल के प्रोपराइटर अनमोल अग्रवाल ने बताया कि धनतेरस से दीपावली तक 1072 से अधिक बाइक की बिक्री और बुकिंग हुई। कसरैला स्थित बालाजी ऑटो सेल्स के प्रोपराइटर महेश मिश्रा ने भी अच्छी बिक्री की जानकारी दी। वहीं मारुति मोटर्स के प्रोपराइटर संजीव अग्रवाल ने बताया कि उनके शोरूम से 237 चार पहिया से अधिक वाहनों की बिक्री हुई। पूजन सामग्री और अलाय-बलाय की भी खूब बिक्री बर्तन बाजार में पीतल, तांबे और स्टील के बर्तनों की खरीदारी हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में टीवी, फ्रिज और वाशिंग मशीन की मांग रही। वहीं किराना और पूजन सामग्री की दुकानों पर खील, बताशे, चूरा, लक्ष्मी-गणेश की चरण पादुकाएं और रंगोली खरीदी गई। दीपावली पर घरों में सुख-समृद्धि की कामना के लिए लोगों ने झाड़ू और अलाय-बलाय भी खरीदी। बाजार में अलाय-बलाय दस रुपये प्रति नग बिकती रही। मिट्टी के दीये, कलश और विद्युत झालरों की दुकानों पर भी भीड़ रही। त्योहार को देखते हुए पुलिस सतर्क रही और नगर पालिका ने प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई की व्यवस्था कराई।
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