केरलम कांग्रेस पदाधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट का अवमानना नोटिस:कहा- न्यायपालिका की स्वतंत्रता राजनीतिक सुविधा नहीं; CJI सूर्यकांत पर पोस्ट का मामला

Nov 06, 2026 - 17:09
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केरलम कांग्रेस पदाधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट का अवमानना नोटिस:कहा- न्यायपालिका की स्वतंत्रता राजनीतिक सुविधा नहीं; CJI सूर्यकांत पर पोस्ट का मामला
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरलम कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया। CJI सूर्यकांत को निशाना बनाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर यह नोटिस जारी किया गया है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता राजनीतिक सुविधा का विषय नहीं है। संविधान सर्वोच्च है और कोई व्यक्ति या राजनीतिक संगठन इससे ऊपर नहीं है। बेंच ने कहा कि फैसलों की आलोचना की जा सकती है, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल न्याय प्रशासन में डर पैदा करने के लिए नहीं हो सकता। कोर्ट ने मामले में वरिष्ठ वकील अरविंद दातार और सिद्धार्थ अग्रवाल को एमिकस क्यूरी नियुक्त करने की बात कही है। कांग्रेस की ओर से बिना मंजूरी पोस्ट करने की दलील सुनवाई के दौरान केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह सामग्री पदाधिकारियों की मंजूरी के बिना अपलोड की गई थी। बाद में इसे हटा दिया गया। वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में बिना शर्त माफी भी मांगी गई है। जस्टिस अरविंद कुमार ने कहा कि कोर्ट यह देखेगा कि माफी “कलम से आई है या दिल से।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह यह भी जांचेगा कि मामले में आपराधिक अवमानना लागू होती है या सिविल अवमानना। इसके लिए वरिष्ठ वकील अरविंद दातार और सिद्धार्थ अग्रवाल को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया जाएगा। कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से भी मामले में मदद मांगी है। 12 अक्टूबर को वायरल हुई थी पोस्ट केरलम कांग्रेस के आधिकारिक X अकाउंट से CJI के खिलाफ एक पोस्ट 12 अक्टूबर को की गई थी। पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी कड़ी आलोचना हुई। पोस्ट में लिखा था कि अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम किसी ऐसे व्यक्ति को आपकी जगह लाएंगे, जो इसे संभाल सके। हालांकि कुछ घंटे बाद ही इस पोस्ट का डिलीट कर दिया। KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कोर्ट के नोटिस के बाद इस मामले में चीफ जस्टिस जस्टिस सूर्यकांत से बिना शर्त माफी मांगी।पार्टी ने इसके बाद कहा था कि पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है। KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ ने भी कहा था कि पोस्ट KPCC नेतृत्व की जानकारी, सहमति या सलाह के बिना की गई थी। शिकायत को 30 अक्टूबर को याचिका में बदला गया वकील विनीत जिंदल ने 13 अक्टूबर को CJI को शिकायत भेजी थी। इस शिकायत को 30 अक्टूबर को रिट याचिका के रूप में दर्ज किया गया। शिकायत में अधिकारियों को यह पता लगाने का निर्देश देने की मांग की गई थी कि 12 अक्टूबर 2026 की शाम सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन और नारेबाजी बिना अनुमति हुई थी या नहीं। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी और अन्य राजनीतिक नेता शामिल हुए थे। शिकायत में यह भी पता लगाने की मांग की गई थी कि इससे वकीलों, पक्षकारों, न्यायिक अधिकारियों या कोर्ट कर्मचारियों की आवाजाही में कोई रुकावट आई थी या नहीं। कांग्रेस ने ही आलोचना की थी पोस्ट डिलीट किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा था, “जिसने भी यह किया है, हम उसके इस रुख से पूरी तरह असहमत हैं। यह पूरी तरह गलत है। हमें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं। यही वजह है कि न्यायपालिका पर हमारे भरोसे के कारण हम सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे तक गए और वहां अपनी बात रखी।” BJP ने कहा था- कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है भाजपा ने इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रही है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी जताई थी आपत्ति सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने पोस्ट की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न्यायपालिका की गरिमा को कम करती हैं और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के समान हैं। एसोसिएशन ने लोगों से सुप्रीम कोर्ट की गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की अपील की। चीफ जस्टिस ने विपक्ष से मिलने से इनकार किया था राहुल ने विपक्षी नेताओं के साथ आज सुप्रीम कोर्ट तक 12 अक्टूबर को मार्च निकाला। 10 नेताओं ने चुनाव में गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने रविवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं की मुलाकात की मांग ठुकरा दी थी। विपक्षी नेता SIR के विरोध और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। CJI ने कहा था कि यह मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए नेताओं को याचिका दायर कर अदालत का रुख करना चाहिए। ------------------------------------- यह खबर भी पढ़ें: केरलम कांग्रेस ने CJI से बिना शर्त माफी मांगी:पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था-व्यवस्था नहीं संभलती तो चीफ जस्टिस इस्तीफा दें, फिर डिलीट किया केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने भारत के चीफ जस्टिस जस्टिस सूर्यकांत से बिना शर्त माफी मांगी है। यह माफी कांग्रेस की केरलम इकाई के आधिकारिक X अकाउंट पर प्रकाशित विवादित पोस्ट को लेकर मांगी गई है। KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कानूनी नोटिस के जवाब में यह माफी दी। पढ़ें पूरी खबर…

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