दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ के कपाट बंद:8 क्विंटल फूलों से सजाया गया, इस साल 1 लाख 97 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर और पंचकेदारों में तीसरे केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट आज शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए रवाना हो गई। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित इस धाम के कपाट बंद होने के दौरान मंदिर को करीब 8 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। इस पूरे सीजन देश-विदेश से करीब 1 लाख 97 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए। वहीं आज भी 500 से ज्यादा श्रद्धालु धाम में पहुंचे। तुंगनाथ की डोली अब करीब 30 किलोमीटर की पैदल यात्रा करेगी। शुक्रवार को डोली चोपता में रात्रि विश्राम करेगी। शनिवार को वनकुंड पहुंचेगी और रविवार सुबह मक्कूमठ पहुंचेगी। यहां मर्कटेश्वर मंदिर में भगवान तुंगनाथ को शीतकाल के लिए विराजमान किया जाएगा। क्या हैं पंचकेदार, कैसे पड़ा यह नाम? उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में भगवान शिव के पांच प्राचीन मंदिरों को पंचकेदार कहा जाता है। इनमें केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, रुद्रनाथ और कल्पेश्वर शामिल हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए भगवान शिव का आशीर्वाद लेना चाहते थे। भगवान शिव उनसे बचने के लिए बैल का रूप धारण कर धरती में अंतर्ध्यान होने लगे। मान्यता है कि भीम ने भगवान शिव को पहचान लिया और उनका शरीर पांच अलग-अलग स्थानों पर प्रकट हुआ। इन पांचों स्थानों पर शिव के अलग-अलग अंगों की पूजा होने लगी। इसी कारण इन्हें पंचकेदार कहा जाता है। पंचकेदार में केदारनाथ प्रथम केदार मक्कूमठ में छह महीने होगी तुंगनाथ की पूजा भगवान तुंगनाथ का शीतकालीन गद्दीस्थल रुद्रप्रयाग जिले का मक्कूमठ गांव है। यहां मर्कटेश्वर मंदिर में भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली विराजमान होती है। तुंगनाथ के कपाट बंद होने के बाद शीतकाल में इसी मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण ऊंचाई पर स्थित मुख्य मंदिर तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में परंपरा के अनुसार भगवान की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल पर जारी रहती है। अगले यात्रा सीजन में शुभ मुहूर्त के अनुसार डोली को वापस तुंगनाथ धाम ले जाया जाता है और मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। ------------------------------
ये खबर भी पढ़ें… चारों धामों के कपाट बंद होने की तारीखें तय:अब तक 56.19 लाख ने किए दर्शन, केदारनाथ में सबसे ज्यादा 132 मौतें उत्तराखंड में स्थित चारों धामों के कपाट बंद होने की तारीखें तय हो चुकी हैं। गंगोत्री के कपाट 10 नवंबर, केदारनाथ और यमुनोत्री के 11 नवंबर, जबकि बद्रीनाथ के कपाट 16 नवंबर को बंद होंगे। इसके साथ ही चारों धामों में इस साल की ग्रीष्मकालीन यात्रा का समापन हो जाएगा। (पढ़ें पूरी खबर)
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