गाजीपुर के बाजारों में चाइनीज झालरों की डिमांड बढ़ी:आर्टिफिशियल फूल-मालाओं की बिक्री घटी; मिट्टी के दीये 80 से 100 रुपए सैकड़ा बिक रहे
गाजीपुर में दीपावली से पहले शनिवार दोपहर 3 बजे शहर के बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मिश्रा बाजार, लाल दरवाजा, महुआबाग, बंशी बाजार और विशेश्वरगंज में खरीदारों की आवाजाही बढ़ गई। लोग घरों को सजाने के लिए झालर, इलेक्ट्रिक लाइटें और पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां व मिट्टी के दीये खरीदते नजर आए। इस बार बाजार में चाइनीज झालरों और सजावटी लाइटों की मांग बढ़ी है, जबकि आर्टिफिशियल फूल-मालाओं की बिक्री में कमी आई है। पहले दीपावली पर घर सजाने के लिए फूलों और मालाओं की खूब खरीदारी होती थी, लेकिन अब लोग नए डिजाइन की लाइटें और सजावटी सामान पसंद कर रहे हैं। आर्टिफिशियल फूल बेचने वाले एक विक्रेता ने बताया कि वह पिछले 10 साल से दीपावली पर फूल बेच रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्षों से इनकी मांग लगातार घट रही है। इस साल बिक्री काफी कम है। बाजार में नए डिजाइन के सजावटी सामान आने से लोग इन्हें ज्यादा पसंद कर रहे हैं। दीये बेचने वाले दुकानदारों के मुताबिक, मिट्टी के दीयों के दाम पिछले साल के बराबर हैं। पिछले साल दीये 80 से 100 रुपए सैकड़ा बिके थे। इस साल भी भाव करीब इतना ही है। लोग घरों के आंगन, छत और दरवाजे रोशन करने के लिए बड़ी संख्या में दीये खरीद रहे हैं। मिट्टी की मूर्तियों को मिल रही ज्यादा पसंद लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की दुकानों पर भी खरीदारों की आवाजाही बढ़ गई है। बाजार में 100 रुपए से लेकर 2,000 रुपए तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं। दुकानदारों के अनुसार, इस बार पीओपी के बजाय मिट्टी की मूर्तियों की मांग ज्यादा है। सबसे अधिक खरीदारी 200 से 500 रुपए के बीच की मूर्तियों की हो रही है। मोतीचूर के लड्डू और पेड़े की मांग दीपावली पर मिठाई की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। लोग घर और रिश्तेदारों को देने के लिए मिठाइयां खरीद रहे हैं। दुकानों पर मोतीचूर के लड्डू, पेड़ा और मिक्स मिठाइयों की खास मांग है। इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश पूजन सामग्री, धूप-अगरबत्ती, रोली, चंदन, कलश और पूजा थाली की भी खरीदारी हो रही है। घरों की सजावट के लिए लोग रंगोली के रंग, तोरण, बंदनवार, मोमबत्तियां और इलेक्ट्रिक लाइटें खरीद रहे हैं। दीपावली और छठ पर घर लौट रहे लोग, स्पेशल ट्रेनों से मिल रहा सफर का विकल्प दीपावली और डाला छठ पर दूसरे शहरों में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई करने वाले लोग अपने घर लौट रहे हैं। दिल्ली, पंजाब, मुंबई समेत अन्य शहरों से पूर्वांचल आने वाले यात्रियों की आवाजाही बढ़ गई है। गाजीपुर सिटी स्टेशन से गुजरने वाली त्योहार स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को सफर का अतिरिक्त विकल्प मिल रहा है। रेलवे ने त्योहारों पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया है। त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों के सामने कंफर्म टिकट मिलना बड़ी समस्या बना हुआ है। कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं होने से यात्रियों को वेटिंग टिकट लेकर सफर की योजना बनानी पड़ रही है। वहीं, जनरल कोच में भीड़, सामान रखने की जगह की कमी और परिवार के साथ यात्रा करने में भी परेशानी हो रही है। विशेश्वरगंज से लंका रोड तक लगा जाम दीपावली की खरीदारी के लिए बाजारों में बढ़ती भीड़ का असर यातायात पर भी दिखने लगा है। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे विशेश्वरगंज चौराहे से लंका रोड की तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब 20 मिनट तक लोग जाम में फंसे रहे। विशेश्वरगंज चौराहे के आसपास सड़क किनारे सैदपुर, पियरी और देवकली से आए फूल विक्रेताओं ने दुकानें लगा रखी हैं। ये विक्रेता पिछले कई वर्षों से दीपावली से पहले यहां फूलों की दुकान लगाते आ रहे हैं। इस बार भी दुकान लगाने के लिए वे शुक्रवार रात करीब 12 बजे ही पहुंच गए और सड़क किनारे अपनी जगह घेर ली। वाहनों की आवाजाही से भीषण जाम दीपावली पर फूलों और मालाओं की खरीदारी के लिए इन दुकानों पर लोगों की भीड़ जुट रही है। सड़क किनारे दुकानें लगने और खरीदारी के लिए वाहनों के रुकने से रास्ता संकरा हो गया है। विशेश्वरगंज से लंका रोड होकर वाराणसी की तरफ भी वाहनों की आवाजाही होती है। इस मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन भी लगातार बना रहता है। सड़क किनारे फूलों की दुकानें लगने और बाजार में भीड़ बढ़ने से वाहनों के निकलने की जगह कम पड़ गई। देखते ही देखते जाम लग गया। बाजार में खरीदारी करने पहुंचे लोगों के साथ दूसरे रास्तों से गुजरने वाले वाहन चालक भी जाम में फंसे रहे। इससे राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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