अखिलेश बोले- फार्म-6 से घोषणा पत्र हटाना बड़ी साजिश:आरोप- दूसरे राज्यों के लोगों को यूपी बुलाकर फर्जी वोट बनवाने की तैयारी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फार्म-6 और फार्म-7 में बदलाव करके फर्जी और दूसरे राज्यों के लोगों के वोट बनवाने की साजिश की जा रही है। भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग और निर्वाचन अधिकारी राशन कार्ड धारकों में से मतदाता तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि 29 तारीख से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए भरे जाने वाले फार्म-6 से घोषणा पत्र हटा दिया गया है। यह बड़ी साजिश है। चुनाव आयोग को सामने आकर इसका जवाब देना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की सबसे बड़ी भूमिका है। उसे अपनी विश्वसनीयता साबित करनी होगी। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा दूसरे राज्यों से अपने समर्थकों को उत्तर प्रदेश बुलाकर उनके वोट बनवाने की तैयारी कर रही है। जिस तरह दूसरे प्रदेशों के चुनाव में लोगों को ट्रेनों और बसों से एक जगह से दूसरी जगह भेजे जाने की बातें सामने आई थीं, वैसी ही तैयारी यूपी में भी हो सकती है। जिन राज्यों में चुनाव नहीं हैं, वहां से लोगों को उत्तर प्रदेश लाकर मतदाता सूची में शामिल कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा जानती है कि उत्तर प्रदेश में सत्ता गंवाई तो दिल्ली की सत्ता भी हाथ से निकल जाएगी। इसलिए चुनाव में बेईमानी करने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। हालांकि, प्रदेश की जनता भाजपा को हराने जा रही है। आधार से जोड़ें वोटर लिस्ट, चुनाव के दिन न बदले सूची अखिलेश ने मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में लगभग हर व्यक्ति का आधार कार्ड बन चुका है। इसमें बायोमेट्रिक और आंखों की रेटिना से जुड़ी जानकारी भी है। ऐसे में वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि चुनाव के दिन मतदाता सूची में बदलाव की गुंजाइश न रहे। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि चुनाव से पहले राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को एक मतदाता सूची दी जाए और मतदान के दिन दूसरी सूची से वोटिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि पहले भी इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं। भाजपा डिजिटल इंडिया, टेक्नोलॉजी और एआई की बात करती है, लेकिन बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने से क्यों डर रही है? SIR के बाद नाम कटे तो गरीबों को योजनाओं से वंचित करने का खतरा सपा अध्यक्ष ने एसआईआर के बाद मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं होंगे, उनके सामने नागरिकता को लेकर संकट खड़ा हो सकता है। गरीबों को सरकारी योजनाओं से वंचित किए जाने का खतरा रहेगा। बच्चों को मिड-डे मील नहीं मिलेगा, मजदूरों को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी। गरीबों के गैस कनेक्शन और आवास छिन सकते हैं। यहां तक कि बैंक खातों, लॉकर और जेवर जैसे बहुमूल्य सामान पर भी संकट आ सकता है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा पीडीए की ताकत से घबराई हुई है। इसलिए सुबह-शाम पीडीए की नई-नई परिभाषाएं गढ़ी जा रही हैं। पीडीए का नाम सुनते ही भाजपा के लोगों को नींद नहीं आती। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से सतर्क रहने की अपील की। कहा कि सभी को मिलकर मतदाता सूची में सुधार कराना है और भाजपा को चुनाव में हराना है। अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग अखिलेश ने कहा कि भाजपा सत्ता से हटेगी तभी लोगों का वोट देने का अधिकार और लोकतंत्र बचेगा। भाजपा इस बार चुनाव की घोषणा से पहले ही चुनाव हार चुकी है, इसलिए फर्जी वोट बढ़ाने के लिए फार्म-6 और फार्म-7 में बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इन आरोपों पर जवाब देने और अब तक एसआईआर तथा एसएसआर में गलत काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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