झांसी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रैगिंग:जूनियर छात्रों का आरोप- सीनियर आधी रात को जगाकर प्रताड़ित करते, मुर्गा बनाते

Nov 04, 2026 - 10:15
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झांसी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रैगिंग:जूनियर छात्रों का आरोप- सीनियर आधी रात को जगाकर प्रताड़ित करते, मुर्गा बनाते
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सीवी रमन हॉस्टल में एक बार फिर रैगिंग का मामला सामने आया है। 2026 बैच के जूनियर छात्रों ने अपने सीनियर पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। कहा- सीनियर आधी रात के बाद कमरे में आकर उनको जगाकर प्रताड़ित करते हैं। मुर्गा बनाने, बाल छोटे रखने, कमरों की लाइट बंद करने समेत अन्य आरोप लगाए हैं। छात्रों की ओर से राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी), एंटी रैगिंग सेल, डीएम और एसएसपी को शिकायत भेजी गई है। हालांकि, प्रिंसिपल का कहना है कि उनको अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। मारपीट करने का भी आरोप शिकायत के मुताबिक, जूनियर छात्रों को रात में भी अपने कमरों के दरवाजे बंद करने की अनुमति नहीं है। सीनियर छात्र देर रात कमरों में आ जाते हैं और प्रताड़ित करते हैं। कई बार कमरों की बिजली बंद कर दी जाती है। बैडमिंटन कोर्ट में उन्हें मुर्गा बनने और कठिन शारीरिक गतिविधियां करने के लिए मजबूर किया जाता है। आरोप है कि सवालों का तुरंत जवाब न देने पर थप्पड़ मारे जाते हैं और अश्लील हरकतें भी कराई जाती हैं। शिकायत में हॉस्टल के वार्डन और हॉस्टल सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। छात्रों ने शिकायत के साथ ऑडियो और वीडियो साक्ष्य होने का दावा किया है। बाल छोटे रखने का दबाव शिकायत में मेडिकल कॉलेज के जूनियर छात्रों पर कई तरह के कथित नियम थोपने का भी उल्लेख है। आरोप है कि उन्हें क्लीन शेव रहने, बाल एक से दो मिलीमीटर तक छोटे रखने और 24 घंटे फॉर्मल कपड़े पहनने के लिए बाध्य किया जाता है। मेडिकल से जुड़ी सामग्री याद करने का दबाव बनाया जाता है। इतना ही नहीं, छात्रों को तरह- तरह से अपमानित भी किया जाता है। शिकायत में सीनियर छात्रों की ओर से एलसीओ और जेसीओ जैसे पदनाम दिए जाने और जूनियरों को सिर उठाकर बात न करने तथा आंखों में आंखें डालकर न देखने देने की बात भी कही गई है। आरोप है कि इन नियमों को नहीं मानने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है और अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। वार्डन-सचिव पर भी लगाए गंभीर आरोप शिकायत में वर्ष 2024 बैच के हॉस्टल सचिव पर जूनियर छात्रों को परेशान करने और कथित नियम लागू कराने में प्रमुख भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, वार्डन पर इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी रोकथाम नहीं करने और सीनियर छात्रों को एक सीमा तक रैगिंग करने देने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि हॉस्टल में सुरक्षा गार्डों की तैनाती के बावजूद कथित घटनाएं होती हैं। कुछ गार्ड इसकी जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाते हैं लेकिन कार्रवाई नहीं होती। इन घटनाओं से कई जूनियर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ने और कुछ के दवाएं लेने की बात भी शिकायत में कही गई है। छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ितों को सुरक्षा व मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। पहले भी मिल चुकी हैं चार शिकायतें मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान रैगिंग से जुड़ी चार शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई थी। पहली शिकायत 13 जुलाई को यूपी-0865, दूसरी 21 अगस्त को यूपी-0886, तीसरी 10 अक्तूबर को ईमेल के माध्यम से और चौथी 12 अक्तूबर को यूपी-0957 शिकायत संख्या से प्राप्त हुई थी। कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति ने जांच के बाद इन शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होने की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी थी। हालांकि, अब 2026 बैच के छात्रों की ओर से भेजी गई शिकायत में हॉस्टल के भीतर कथित गतिविधियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। रैगिंग रोकने के लिए उठाए ये कदम चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग की महानिदेशक (डीजी) नेहा शर्मा के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की पहल की है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने स्टूडेंट वेलफेयर नोडल ऑफिसर की जिम्मेदारी डॉ. पंकज मुस्तारिया को सौंपी है। वह एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य और सीवी रमन हॉस्टल के वार्डन भी हैं। प्राचार्य ने बताया कि हॉस्टल के अलावा कॉलेज के विभिन्न स्थानों पर शिकायत पेटिकाएं रखवाने के निर्देश दिए गए हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी गोपनीय तरीके से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि पहले स्तर पर नोडल अधिकारी शिकायत का निस्तारण करेंगे। वहां समाधान नहीं होने पर दूसरे स्तर पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी यदि विद्यार्थी संतुष्ट नहीं होता है तो वह सीधे डीजी के समक्ष अपनी शिकायत रख सकेगा। अभी शिकायत नहीं मिली है मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि अभी तक रैगिंग के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। जूनियर और सीनियर छात्रों को अलग रखने के लिए व्यवस्था की गई है। हॉस्टल में सुरक्षा गार्ड भी तैनात हैं। यदि कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।

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