झांसी में साथियों पर FIR के बाद लामबंद हुए वकील:न्यायमूर्ति ने कार्रवाई का भरोसा दिया, अधिवक्ता बोले-तीन थाना प्रभारी नहीं हटाए तो सोमवार से आंदोलन करेंगे

Nov 01, 2026 - 06:17
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झांसी में साथियों पर FIR के बाद लामबंद हुए वकील:न्यायमूर्ति ने कार्रवाई का भरोसा दिया, अधिवक्ता बोले-तीन थाना प्रभारी नहीं हटाए तो सोमवार से आंदोलन करेंगे
झांसी में बार संघ और पुलिस के बीच विवाद और गहरा गया है। शनिवार को अधिवक्ता संघ ने प्रशासनिक न्यायमूर्ति से मिलकर मामले की जानकारी दी। बार संघ का कहना है कि उन्होंने एसएसपी से वार्ता का कार्रवाई का आदेश पारित करने का भरोसा दिया है। यदि इतने पर भी अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमा नहीं हटता और थाना प्रभारियों पर कार्रवाई नहीं होती तो सोमवार से आंदोलन करेंगे। शनिवार को जिला अधिवक्ता संघ की कार्यकारिणी Iआ नवाबाद पुलिस द्वारा 30 अक्टूबर को चार अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने और एसएसपी झांसी द्वारा संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की निंदा की गई करते हुए आक्रोश व्याप्त किया है। बार संघ ने एक पत्र जारी कर बताया कि बैठक के बाद संघ के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने जनपद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति समित गोपाल के समक्ष पूरा मामला उठाया। अधिवक्ताओं ने उन्हें मुकदमा दर्ज किए जाने और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की जानकारी दी। इस पर न्यायमूर्ति समित गोपाल ने अधिवक्ता संघ को आश्वासन दिया कि वह मामले का संज्ञान लेकर एसएसपी झांसी से वार्ता करेंगे और आवश्यक कार्रवाई के आदेश पारित करेंगे। बार संघ अध्यक्ष बोले- हमारी लड़ाई अधिकारियों से बार संघ अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे ने दो टूक कहा कि वह शहर को लूटने वाले पुलिसकर्मियों को अन्याय नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई थाना प्रभारी से नहीं है, बल्कि उन अधिकारियों से है, जिन्होंने इन थाना प्रभारियों को थानों का चार्ज दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक कार्रवाई नहीं होती है तो पुलिसकर्मियों का कचहरी में आना भी बंद कर दिया जाएगा। कार्रवाई नहीं हुई तो आमरण अनशन अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद यदि नामजद अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमा निरस्त नहीं किया जाता और संबंधित थाना प्रभारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती है तो जिला अधिवक्ता संघ के समस्त अधिवक्ता 2 नवंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। तीन थाना प्रभारियों को हटाने की मांग अधिवक्ता संघ ने सीपरी बाजार, नवाबाद और कोतवाली थाना प्रभारियों को हटाने की मांग की है। उनका आरोप है कि तीनों थाना प्रभारी आमजन के साथ ही अधिवक्ताओं से भी अभद्रता कर रहे हैं। बार संघ अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे ने नवाबाद थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए देह व्यापार तक कराने की बात कही थी। उनके इन्हीं आरोपों के बाद शुक्रवार को सीओ सिटी प्रिया सिंह ने बस स्टैंड पर चल रहे एक लॉज में छापा मारा था। हालांकि, मौके से उन्हें कोई नहीं मिला। शुक्रवार को हुई थी झड़प बकौल बार संघ अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे ने आरोप लगाया था कि 29 अक्टूबर को उनके साथी अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे थे। यहां प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता करते हुए गाली गलौज की थी। इसी के बाद से अधिवक्ताओं ने तीनों थानों के प्रभारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वहीं, शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में भी पुलिस और वकीलों में झड़प हुई। इसी दौरान अधिवक्ताओं पर आरोप है कि उन्होंने जेल चौकी प्रभारी से मारपीट कर उनके हमराही का मोबाइल लूट लिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद अब अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं। ये अधिवक्ता न्यायमूर्ति से मिले बैठक में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे, महामंत्री छोटेलाल वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिनंदन प्रजापति, कनिष्ठ उपाध्यक्ष यशोवर्धन बजाज, कोषाध्यक्ष विनय शिवहरे, संयुक्त सचिव प्रशासन अमित कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव लाइब्रेरी अमित कुमार पचौरी, संयुक्त सचिव प्रकाशन रोमेश अग्रवाल, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य अजय कुमार पाठक, अमित कुमार साहू, दिनेश यादव, राशिद खान, राजेश कुमार गौतम, दिनेश तिवारी, कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य योगेंद्र कुमार मिश्रा, आशुतोष अवस्थी, विजय सिंह यादव, रोहित यादव, बसंत द्विवेदी और अनुपम शुक्ला मौजूद रहे।

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