लखीमपुर में मोहाना में दस सेकेंड में समा गया मकान:जसनगर में कटान तेज, ग्रामीण घर तोड़कर सामान सुरक्षित जगह पहुंचा रहे
लखीमपुर खीरी में इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बह रही मोहाना नदी का जलस्तर घटने के बाद जसनगर गांव में कटान तेज हो गया है। पिछले दो दिनों में नदी तीन घरों को काट चुकी है। एक मकान कुछ सेकेंड में नदी में समा गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। कटान के बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग अपने घरों को खुद तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। 3 तस्वीरें देखिए ...…
पूरा मामला विस्तार से पढिए.....… जलस्तर घटते ही बढ़ी कटान की रफ्तार गिरिजा बैराज पर क्लोजर की कार्रवाई के बीच मोहाना नदी का जलस्तर घटा है। इसके बाद जसनगर गांव में कटान तेज हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले छह दिनों से नदी लगातार कटान कर रही है, लेकिन अब इसकी रफ्तार बढ़ गई है। नदी का रुख बदलने से लोगों को अपने घरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। गांव के राजकुमार, जीवन और दिनेश के घर नदी में समा चुके हैं। वहीं, कई अन्य मकान भी कटान के मुहाने पर हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर कटान इसी तरह जारी रहा तो उनके बचे हुए घर भी नदी में समा जाएंगे। घर तोड़कर सुरक्षित जगह पहुंचा रहे सामान कटान के खतरे को देखते हुए ग्रामीण अपने घरों को खुद तोड़ रहे हैं, ताकि बची हुई सामग्री और घरेलू सामान को सुरक्षित निकाला जा सके। गांव के गोवर्धन, बालकराम, बनवारी, सेवकराम, मनोज कुमार, रमेश, काशी, छांगुर, रामवृक्ष, रामकरन, चंदन, उमेश, रामचंद्र, रामदुलारे, कमलेश और विधवा सुमित्रा समेत कई लोगों के घर खतरे की जद में हैं। पड़ोसी गोवर्धन भी अपना मकान बचाने के लिए उसे खुद तोड़ रहे हैं। कई परिवार अपने घरों से सामान निकालकर रिश्तेदारों के यहां या अन्य सुरक्षित स्थानों पर रख रहे हैं। लोगों को डर है कि नदी का कटान उनके आशियाने छीन सकता है। रातभर जागकर नदी पर नजर रख रहे ग्रामीण कटान से प्रभावित जमुना देवी, रामकुमारी, रीमा, छोटी, फूलमती, रूपा और सुशीला ने बताया कि नदी के डर से रात में नींद नहीं आती है। दिन-रात उनकी नजर नदी पर रहती है। उन्हें हर समय इस बात की चिंता सताती है कि कहीं उनका घर भी नदी में न समा जाए। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार का खर्च चलाने के लिए मजदूरी करने वाले लोग भी कटान के डर से काम पर नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें अपने घर और परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। प्रभावित लोगों का आरोप है कि शासन-प्रशासन उनकी समस्या पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। पंचायत में जमीन देने की मांग लगातार बढ़ते कटान से परेशान प्रभावित परिवारों ने पंचायत में रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें नदी के खतरे से दूर सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ रह सकें और भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। तहसील प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट लेखपाल फूल सिंह ने बताया कि जसनगर गांव में नदी के कटान से तीन घर प्रभावित हुए हैं। इसकी रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दी गई है।
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