10 वें दीपोत्सव पर अयोध्या त्रेतायुगीन दिख रही है:अयोध्या देश दुनिया में पर्यटन की प्रमुख स्थली के रूप में विकसित हुई

Nov 06, 2026 - 16:48
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10 वें दीपोत्सव पर अयोध्या त्रेतायुगीन दिख रही है:अयोध्या देश दुनिया में पर्यटन की प्रमुख स्थली के रूप में विकसित हुई
राम की पैड़ी पर 7 नवंबर को दीपोत्सव को लेकर तैयारी पूरी हो गई है। दीपोत्सव का आयोजन बेहद खास होगा। राम की पैड़ी को 30 लाख दीपो से जगमगाया जाएगा। 21 स्वदेशी ड्रोन से आकाश में रामायण के प्रसंगों को दर्शाया जाएगा,। 30 प्रोजेक्शन लेजर शो होगा,।2147 साधु, संत, महिलाएं और श्रद्धालु मिलकर सरयू की महा आरती करेंगी, ग्रीन आतिशबाजी की जाएगी। 13 थीम आधारित प्रवेश द्वार, 20 सेल्फी प्वाइंट और300 फिट के विशाल स्टेज पर भारत की संस्कृतियों की झलक देखने को मिलेगी, रामलीला का मंचन होगा, दीपोत्सव के गवाह उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, कई देशों के अंबेसडर 100 विदेशी मेहमान, सहित 5 हजार से ज्यादा आमंत्रित अतिथि साधु संत होंगे। 5 हजार से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है। सजा दो घर को गुलशन सा मेरे घर राम आए हैं, आज पूरी अयोध्या दुल्हन से सजी हुई है, अयोध्या त्रेता युगीन अयोध्या नजर आ रही है, अयोध्या के वासी अपने आराध्य भगवान श्री राम के स्वागत में अयोध्या को सजाए हुए है। इस बार दीपोत्सव बेहद खास है। दीपोत्सव के 10 वर्ष पूरे हो रहे है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2017 में सरकार बनने के बाद दीपोत्सव की शुरुवात की थी। राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण और दीपोत्सव से धार्मिक आध्यात्मिक नगरी अयोध्या देश दुनिया में पर्यटन की प्रमुख स्थली के रूप में विकसित हुई है। अयोध्या की सड़कों पर दीपोत्सव का उत्साह देखने को मिल रहा है। राम की पैड़ी पर 30 लाख दियों को प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है। 7 नवंबर को राम जन्मभूमि मंदिर में पहला दीपक उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों जलेगा। राम पथ पर श्रीराम माता सीता, भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान का फूलों से स्वागत अयोध्या में दीपोत्सव का उत्सव सड़कों पर देखने को मिल रहा है। राम पथ पर श्रीराम माता सीता, भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान का फूलों से स्वागत किया जा रहा है। भगवान राम का लंका विजय उपरांत अयोध्या आगमन हो रहा है। स्कूल के छोटे छोटे बच्चे श्रीराम माता सीता के स्वरूप में सड़कों पर चल कर अपने को धन्य मान रहे है और जो लोग इस नजारा को देख रहे है वह मानो त्रेता युग में पहुंच गए है। दीपोत्सव का उत्सव यह नजारा उत्साह को और बढ़ा रहा है। स्कूल के बच्चों ने राम पथ पर राम सीता के स्वरूप के साथ एक झांकी निकाली। दीप मालाओं से अयोध्या को सजाया जा रहा है। भगवान राम के स्वागत के लिए सरयू घाट राम की पैड़ी को सजाया जा रहा है, मंदिरों को सजाया जा रहा है, 35 लाख से ज्यादा दिए अयोध्या में जलाए जाएंगे। क्योंकि भगवान राम वनवास के बाद लंका विजय के उपरांत अयोध्या वापस आ रहे हैं। राम की पैड़ी का नजारा अद्भुत है। 56 घाटों पर 30 लाख दियों को बिछाया गया है। 16 बाई 16 के ब्लॉक में 256 दियों को सजाया गया है मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद जयेंद्र कुमार, के अनुसार जब यह दीए एक साथ प्रकाशित होंगे वह नजारा ही अद्भुत होगा। 30 लाख दीयों को जलाने के लिए 35 हजार वालेंटियर को लगाया गया है। 16 बाई 16 के ब्लॉक में 256 दियों को सजाया गया है। दो अलग अलग तरीके के दीयों को बिछाया गया है। प्रत्येक दियों में 20 और 30 एमएल तेल डालें जाएंगे। जिसमें दो बाती रखी जाएगी। दीपक को जलाने के मोमबत्तियों का प्रयोग किया जाएगा। अब अयोध्या का दीपोत्सव कितना बड़ा आयोजन हो गया है। इसको आकड़ो से समझते है। 2017 में 171000 दिए 2018 में 301000 दिए 2019 में 404000 दिए 2020 में 606000 दिए 2021 में 12 लाख दिए 2022 में 1576955 दिए 2023 में 2223000 2024 में 2512585 दिए 2025 में 2617215 दिए अबकी बार 30 लाख से ज्यादा दीपक जलाए जाएंगे इस बार राम की पैड़ी पर 35 हजार वैलेंटियरों ने कड़ी मेहनत के साथ दीपक को बिछाने का कार्य किया है। यह वालेंटियर डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से जुड़े डिग्री कालेजो के स्टूडेंट है। जो बड़े ही उत्साह के साथ दीपक बिछाने का कार्य कर रहे है। इन छात्रों के साथ दीपक बिछाने के अनुभव के लेकर, दीपोत्सव से अयोध्या में कितना बदलाव आया है को जानने के लिए भारत एक्सप्रेस संवाददाता मनमीत गुप्ता ने खास बातचीत की।

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