मोहर्रम से पहले देशभर में हाई अलर्ट! सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मोहर्रम से पहले देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। ताजिया जुलूस को लेकर प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं और कई राज्यों में ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी।

मोहर्रम से पहले देशभर में हाई अलर्ट! सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दि राइजिंग न्यूज़ | भारत | 26 जून 2026


मोहर्रम को लेकर देशभर में बढ़ाई गई सुरक्षा

मोहर्रम के मद्देनज़र देश के कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत कर दिया गया है। पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। संवेदनशील जिलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्द्धसैनिक जवानों की तैनाती की गई है। धार्मिक स्थलों, प्रमुख चौराहों और ताजिया जुलूस के मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि सभी सुरक्षा इंतजाम लोगों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से किए गए हैं।


ड्रोन और आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी

इस वर्ष कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन कैमरों, उच्च क्षमता वाले निगरानी कैमरों और नियंत्रण कक्ष की सहायता ली जा रही है। ड्रोन के जरिए जुलूस के पूरे मार्ग पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके। पुलिस नियंत्रण कक्ष से हर गतिविधि की निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से भीड़ प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष दलों को भी तैयार रखा गया है।


ताजिया जुलूस के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश

प्रशासन ने ताजिया जुलूस के आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि पूरे आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके। आयोजकों को केवल निर्धारित मार्ग से ही जुलूस निकालने और तय समय का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। कई स्थानों पर ताजिया की ऊंचाई को सीमित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे बिजली की उच्च वोल्टेज लाइनों और अन्य संरचनाओं से दुर्घटना की आशंका न रहे। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


संवेदनशील क्षेत्रों में निकाला गया फ्लैग मार्च

सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा बढ़ाने और लोगों में विश्वास कायम रखने के लिए कई जिलों में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया मंचों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिशों को समय रहते रोका जा सके। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दलों को भी तैयार रखा गया है।


शांति समिति की बैठकों पर दिया गया जोर

मोहर्रम से पहले विभिन्न जिलों में शांति समिति की बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासन, पुलिस, धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन बैठकों में त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने सभी समुदायों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने तरीके से कार्रवाई करेगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि कोई अफवाह फैलती है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि सामाजिक सहयोग और आपसी संवाद से ही किसी भी त्योहार को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सकता है।


प्रशासन ने लोगों से की यह अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें। यदि किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई देती है तो तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दें। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि शांति और भाईचारा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रशासन का उद्देश्य केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और मोहर्रम को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है।