मुरादाबाद में तेंदुओं की दहशत:50 दिन में 20 तेंदुए पकड़े गए,3 मारे गए; आबादी के आसपास अब भी मौत बनकर मंडरा रहे
मुरादाबाद के ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं का खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वन विभाग की तमाम कोशिशों और लगातार चलाए जा रहे अभियानों के बीच पिछले 50 दिनों के भीतर रिकॉर्ड 20 तेंदुओं को पिंजरों में कैद किया जा चुका है. इसके बावजूद जंगलों और खेतों में तेंदुओं की लगातार चहलकदमी से ग्रामीणों के लिए खेत पर जाना जान जोखिम में डालने जैसा बना हुआ है। इलाके के लोग अब भी खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं, क्योंकि कई गांवों में अब भी अन्य तेंदुओं के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। तेंदुओं के हमले में 4 लोगों की मौत, दर्जनों घायल
इंसानी आबादी पर तेंदुओं के हमले इस कदर हिंसक रहे हैं कि अब तक 4 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि 30 से अधिक ग्रामीण इन हमलों में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। हमले की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ही वन विभाग ने प्रभावित इलाकों को बेहद संवेदनशील घोषित कर रखा है. मुरादाबाद में अब तक का कुल रेस्क्यू और नुकसान का आंकड़ा:
46 पिंजरे लगाने के बाद भी वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती
वन विभाग ने तेंदुओं को दबोचने के लिए जिले के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में 46 बड़े पिंजरे लगा रखे हैं. विभाग की कई टीमें दिन-रात जंगलों और खेतों में तेंदुओं को ट्रेस करने के अभियान में जुटी हैं. लगातार मिल रही कामयाबी के बाद भी वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि रेस्क्यू के तुरंत बाद दूसरे गांवों से नए तेंदुओं के दिखने की सूचनाएं आ रही हैं. विभाग ने एक बार फिर ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों की तरफ न जाएं और तेंदुआ दिखने पर उसे घेरने के बजाय तुरंत सूचना दें.
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