एलपीजी का नया नियम! सिलेंडर बुकिंग से पहले जरूर कर लें यह काम
एक अक्टूबर 2026 से घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित जैविक पहचान सत्यापन से जुड़े नए नियम लागू होने की जानकारी सामने आई है। सरकारी सहायता वाली निर्धारित कीमत पर सिलेंडर पाने के लिए सत्यापन जरूरी बताया गया है। इसके साथ ही दो सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर निर्धारित किया गया है। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं होगी।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 सितंबर 2026
घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक अक्टूबर 2026 से नए नियम लागू होने की बात सामने आई है। इसके तहत रसोई गैस पर मिलने वाली सरकारी सहायता का लाभ लेने के लिए आधार आधारित जैविक पहचान सत्यापन पूरा करना जरूरी होगा। सरकार की ओर से इस व्यवस्था का उद्देश्य गैस सहायता व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना और फर्जी या दोहरे कनेक्शन पर रोक लगाना बताया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अपना सत्यापन पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता नहीं होगी।
एक अक्टूबर से बदलेंगे रसोई गैस से जुड़े नियम
रिपोर्ट के अनुसार, एक अक्टूबर 2026 से घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग और सरकारी सहायता से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाएगा। सहायता वाली निर्धारित कीमत पर सिलेंडर पाने के लिए उपभोक्ता का आधार आधारित जैविक पहचान सत्यापन पूरा होना जरूरी होगा। इसका उद्देश्य वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाना और गलत तरीके से लिए गए कनेक्शनों की पहचान करना बताया गया है। उपभोक्ताओं को समय रहते अपनी पहचान सत्यापन की स्थिति जांच लेने की सलाह दी गई है।
सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर
नए नियमों के तहत घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का अंतर भी निर्धारित किया गया है। अब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ता पिछली बुकिंग के 25 दिन बाद अगला घरेलू सिलेंडर बुक कर सकेंगे। इससे बार-बार या निर्धारित अवधि से पहले सिलेंडर बुक कराने पर रोक लगाने की व्यवस्था की गई है। उपभोक्ताओं को अपनी पिछली बुकिंग की तारीख ध्यान में रखकर अगली बुकिंग करनी होगी।
करीब 27.43 करोड़ उपभोक्ताओं ने पूरा किया सत्यापन
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 89.9 प्रतिशत सक्रिय घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं ने पहले ही अपनी पहचान संबंधी प्रक्रिया पूरी कर ली है। इनकी संख्या लगभग 27.43 करोड़ बताई गई है। ऐसे उपभोक्ताओं को नए नियम लागू होने के बाद अलग से कोई प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी। उनकी सिलेंडर बुकिंग और सरकारी सहायता पहले की तरह जारी रहने की बात कही गई है।
सत्यापन नहीं कराया तो क्या होगा
यदि कोई घरेलू रसोई गैस उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना आधार आधारित जैविक पहचान सत्यापन पूरा नहीं करता है, तो उसकी सिलेंडर आपूर्ति तत्काल बंद होने की बात नहीं कही गई है। हालांकि, ऐसे उपभोक्ता को सरकारी सहायता वाली निर्धारित कीमत पर सिलेंडर मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में उसे बाजार मूल्य पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। इसलिए जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन अभी बाकी है, उन्हें समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगी छूट
रिपोर्ट के अनुसार, किसी विशेष श्रेणी के घरेलू उपभोक्ताओं को पहचान सत्यापन की अनिवार्यता से स्थायी रूप से बाहर नहीं रखा गया है। यह व्यवस्था सभी घरेलू रसोई गैस कनेक्शनों पर लागू किए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य घरेलू कनेक्शन के नाम पर होने वाले गलत इस्तेमाल और दोहरे कनेक्शन की पहचान करना बताया गया है। इसलिए उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन की सत्यापन स्थिति जरूर जांचनी चाहिए।
घर बैठे भी पूरा किया जा सकता है सत्यापन
उपभोक्ताओं के लिए पहचान सत्यापन पूरा करने के कई तरीके उपलब्ध होने की बात कही गई है। सिलेंडर की आपूर्ति करने वाला कर्मचारी घर पर पहुंचने के दौरान अपने उपकरण से उपभोक्ता का जैविक सत्यापन कर सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता अपनी स्थानीय गैस एजेंसी पर जाकर भी अंगुली की छाप या आंख की पुतली के माध्यम से पहचान सत्यापन करा सकता है। इस प्रक्रिया के लिए उपभोक्ता को अपनी पहचान संबंधी जरूरी जानकारी साथ ले जानी होगी।
मोबाइल फोन से भी पहचान सत्यापन की सुविधा
रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्टफोन के माध्यम से घर बैठे चेहरे की पहचान के जरिए भी सत्यापन पूरा किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले आधार से जुड़ी चेहरे की पहचान वाली व्यवस्था के लिए निर्धारित अनुप्रयोग डाउनलोड करना होगा। इसके बाद संबंधित गैस कंपनी का आधिकारिक अनुप्रयोग डाउनलोड करके उसमें दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा। प्रक्रिया पूरी करते समय उपभोक्ता को केवल आधिकारिक अनुप्रयोग और आधिकारिक माध्यम का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सावधानी
नए नियमों को देखते हुए घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को अपनी पहचान और कनेक्शन से जुड़ी जानकारी पहले ही जांच लेनी चाहिए। यदि सत्यापन पूरा नहीं हुआ है तो नजदीकी अधिकृत गैस एजेंसी से इसकी प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है। किसी अनजान व्यक्ति को आधार संख्या, बैंक संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए। ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान भी केवल अधिकृत सरकारी या गैस कंपनी के माध्यम का इस्तेमाल करना सुरक्षित रहेगा।
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