प्रयागराज में TGT-PGT अभ्यर्थियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी:छात्रों का आरोप-फर्जी मुकदमा हुआ, कई साथी डिटेन किए गए
टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के तहत एक अवसर दिए जाने की मांग को लेकर चल रहा प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है। शिक्षा निदेशालय परिसर में हुई कथित तोड़फोड़ और कर्मचारियों से अभद्रता के मामले में पुलिस ने करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिससे आंदोलनकारियों में आक्रोश है। छात्रों का आरोप- ‘फर्जी मुकदमा’ आंदोलन के नेतृत्व में शामिल आशुतोष पांडेय ने आरोप लगाया कि प्रशासन आंदोलन को कमजोर करने के लिए 200 लोगों पर “फर्जी मुकदमा” दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं और उनकी मांग मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए अवसर के आश्वासन को लागू कराने की है। सड़क पर बैठने से यातायात प्रभावित हो रहा था, इसलिए छात्र शिक्षा निदेशालय के अंदर आकर बैठे। उन्होंने दावा किया कि छात्रों ने ऐसा कोई काम नहीं किया, जिसके आधार पर इतने बड़े पैमाने पर मुकदमा दर्ज किया जाए। ‘कई छात्रों का पता नहीं’ आंदोलनकारी छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कई साथियों को पुलिस हिरासत में ले गई है। उन्हें डिटेन किया गया है। उनके मोबाइल फोन 10 से 12 घंटे से स्विच ऑफ हैं। आशुतोष पांडेय ने कहा कि अगर किसी को डिटेन किया गया है तो परिवार को सूचना दी जानी चाहिए; छात्रों को इस तरह “उठाना” उचित नहीं है। उन्होंने कहा हम लोग छात्र हैं, कोई आतंकी या अपराधी नहीं। हम टीजीटी-पीजीटी पुरानी नियमावली में अवसर के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने तक वे निदेशालय नहीं छोड़ेंगे। डराने की कोशिश नाकाम होगी छात्र आदित्य मिश्रा ने कहा कि प्रशासन छात्रों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगें वहीं रख रहे हैं जहां भर्ती से जुड़े निर्णय होते हैं और अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल के सामने अपनी बात रख रहे हैं। उनहोंने आरोप लगाया कि दो दिन तक छात्र बाहर धरने पर बैठे रहे, लेकिन किसी वरिष्ठ अधिकारी ने ठीक से बात नहीं की। उन्होंने कहा कि छात्रों को खाने-पीने की व्यवस्था भी कठिनाई से करनी पड़ रही है। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी शिकायत के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 150 से 200 प्रदर्शनकारी पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुसे। आरोप है कि इस दौरान फर्नीचर तोड़ा गया, वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, कर्मचारियों से अभद्रता हुई और सरकारी कामकाज ठप हो गया। इसके बाद अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त से हस्तक्षेप तथा पर्याप्त पुलिस बल की मांग की। सिविल लाइंस पुलिस ने शिकायत के आधार पर करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच शुरू कर दी है।
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