पटाखों की दुकानें लगाने पर विवाद:9 साल पुराने रामलीला मैदान में अनुमति मांग रहे व्यापारी
मैनपुरी के करहल में दीपावली से पहले आतिशबाजी की दुकानों को लेकर व्यापारियों और प्रशासन के बीच विवाद हो गया है। पिछले 19 साल से रामलीला मैदान में पटाखों की दुकानें लगा रहे व्यापारियों को इस बार वहां अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन ने दुकानों के लिए जैन इंटर कॉलेज परिसर तय किया है। व्यापारी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे व्यापारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और रामलीला मैदान में ही दुकानें लगाने की अनुमति मांगी। रामलीला मैदान में सुरक्षा के इंतजाम होने का दावा व्यापारी मनु पांडे ने बताया कि वर्ष 2007 से लगातार रामलीला मैदान में आतिशबाजी की दुकानें लगाई जा रही हैं। करीब 10 बीघा क्षेत्रफल वाले इस मैदान में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। यहां चार सबमर्सिबल, तीन हैंडपंप, तीन प्रवेश और निकास द्वार, 11 फीट ऊंची बाउंड्रीवाल और सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके अलावा मैदान में अस्थायी पुलिस चौकी भी स्थापित रहती है। व्यापारियों का दावा है कि इतने वर्षों से सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए दुकानें लगाई जा रही हैं, लेकिन कभी कोई हादसा नहीं हुआ। जैन इंटर कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल व्यापारियों को जैन इंटर कॉलेज परिसर में दुकानें लगाने के फैसले पर आपत्ति है। उनका कहना है कि शिक्षण संस्थान में आतिशबाजी की बिक्री कराना उचित नहीं है। मनु पांडे ने दावा किया कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रत्येक दुकान के लिए 11 हजार रुपए शुल्क मांगा जा रहा है। जबकि वहां रामलीला मैदान जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी नहीं हैं। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि स्कूल परिसर में कोई हादसा होने पर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका कहना है कि रामलीला मैदान में अब तक उनसे कोई शुल्क नहीं लिया गया। वे रामलीला आयोजन में अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग भी करते रहे हैं। दो महीने से फंसी रकम, लाइसेंस भी नहीं मिले व्यापारियों ने लाइसेंस जारी होने में देरी का भी आरोप लगाया। मनु पांडे के मुताबिक, दो महीने से उनकी रकम फंसी हुई है, लेकिन अभी तक लाइसेंस जारी नहीं किए गए हैं। इसके चलते आतिशबाजी का माल भी नहीं मंगाया जा सका है। अवैध दुकानों को लेकर भी उठाए सवाल व्यापारियों ने आरोप लगाया कि एक तरफ लाइसेंसधारी दुकानदारों पर सख्ती की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ करहल बाजार में अवैध रूप से पटाखों की दुकानें सजने लगी हैं। उनका दावा है कि बुधवार को बाजार में चार दुकानें लगाई गई थीं। इसके फोटो और वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि रामलीला मैदान में दुकानें लगाने की अनुमति नहीं मिली तो वे इस बार आतिशबाजी का कारोबार नहीं करेंगे। इससे करहल में दीपावली के दौरान पटाखों का बाजार प्रभावित हो सकता है।
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