लखनऊ में दिवाली से पहले इंडेन ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल:3 दिन से सिलेंडर नहीं पहुंचाए, 80 एजेंसियों को नहीं मिली गैस

Nov 05, 2026 - 19:54
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लखनऊ में दिवाली से पहले इंडेन ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल:3 दिन से सिलेंडर नहीं पहुंचाए, 80 एजेंसियों को नहीं मिली गैस
लखनऊ में दिवाली पर गैस सिलेंडर की किल्लत की आशंका गहराती जा रही है। गुरुवार को लगातार तीसरे दिन जिले में इंडेन की 80 एजेंसियों को सिलेंडर सप्लाई नहीं हुए। इसकी वजह है ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल। ट्रांसपोर्टर्स इस मांग के साथ सरोजनीनगर में बॉटलिंग प्लांट पर हड़ताल कर रहे हैं कि उन्हें वादे के मुताबिक काम नहीं मिल रहा है। जिससे, उनके ट्रकों का खर्च निकाल पाना मुश्किल हो रहा है। गुरुवार को वे अमौसी स्थित इंडियन ऑयल एलपीजी गैस बॉटलिंग प्लांट में हड़ताल पर बैठे रहे। तीन दिन से सिलेंडरों की उठान बंद होने से शहर में एलपीजी सिलेंडरों की कमी बढ़ने लगी है। उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही है। अधिकारियों ने बैठक करने को कहा, फिर नहीं पहुंचे हड़ताल खत्म कराने के लिए इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने गुरुवार सुबह 11 बजे गोमतीनगर स्थित स्टेट ऑफिस में ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक तय की थी। ट्रांसपोर्टरों ने वहां जाने के बजाय अमौसी गैस प्लांट में बैठक करने की मांग की। अधिकारियों ने दोपहर 3 बजे प्लांट में बैठक कर समस्या का हल निकालने का भरोसा दिया। लेकिन, तय समय पर कंपनी का कोई अधिकारी प्लांट नहीं पहुंचा। बैठक के लिए आए ट्रांसपोर्टर काफी देर इंतजार के बाद नाराज होकर लौट गए। उन्होंने कंपनी अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई। 192 एजेंसियों के काम का भरोसा मिला था ट्रांसपोर्टर राजू यादव, योगेश सिंह, अतुल यादव और प्रवीन यादव ने बताया कि 2023 के टेंडर के समय इंडियन ऑयल ने लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और सीतापुर की कुल 192 गैस एजेंसियों तक सिलेंडर पहुंचाने का काम देने का भरोसा दिया था। ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक, इसी भरोसे पर उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर करीब 206 ट्रक खरीदे। टेंडर के समय हर ट्रक के लिए करीब 2.45 लाख रुपए महीने का काम मिलने की बात कही गई थी। उनका आरोप है कि करीब एक साल पहले 192 एजेंसियों के बजाय काम लखनऊ की 80 और बाराबंकी की कुछ एजेंसियों तक सीमित कर दिया गया। इससे उनकी मासिक कमाई घटकर 80 से 90 हजार रुपए रह गई। ड्राइवरों का वेतन, डीजल, लोडिंग-अनलोडिंग का खर्च मुश्किल ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि अब ट्रकों की किस्त, चालकों का वेतन, डीजल और लोडिंग-अनलोडिंग का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को पत्र देने और हड़ताल करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी 192 एजेंसियों तक सिलेंडर पहुंचाने का काम बहाल नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। ------------------------------ संबंधित खबरें भी पढ़िए- लखनऊ में चक्का जाम, LPG गैस ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल लखनऊ में सिलेंडर ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी

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