रंगदारी केस में गैंगस्टर अजय ठाकुर को मिली बेल:पुलिस ने अपहरण मामले में मांगी रिमांड, फिलहाल जेल में रहेगा
हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर को सीजेएम कोर्ट से जमानत मिल गई है लेकिन अभी वह जेल से रिहा नही हो सकेगा। अजय ठाकुर के बेल लेने की जानकारी पर पुलिस ने आनन-फानन में अपहरण के एक पुराने मामले में रिमांड दाखिल की, जिसमें बाद मुकदमे में उसे अभी कोर्ट से जमानत लेनी पड़ेगी। 2016 में बर्रा में दर्ज हुआ था मुकदमा बर्रा थाने में वर्ष 2016 में मूलरूप से कानपुर देहात के मंगलपुर निवासी और उस समय जरौली फेज-दो में रहने वाले विपिन टेडी ने अजय ठाकुर, रामू मिश्रा और सौरभ कश्यप के खिलाफ मुकदमा कराया था। आरोप था कि अजय ने विपिन के दोस्त आलोक मिश्रा से दो हजार रुपये प्रतिमाह रंगदारी मांगी थी। रुपये देने से इनकार करने पर 11 जनवरी 2016 को फोन कर धमकाया। इसके बाद विपिन और आलोक शिकायत करने बर्रा थाने जा रहे थे। आरोप है कि बी-ब्लाक के पास अजय ठाकुर ने अपने साथियों के साथ उन्हें रोक लिया और तमंचे की बट से हमला कर दिया। अगवा कर मारपीट की थी इसके बाद दोनों को अगवा कर पार्क में बने मंदिर में ले जाया गया, जहां मारपीट कर उनका मोबाइल तोड़ दिया। मामले में रंगदारी, अपहरण, मारपीट और धमकी देने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले में जमानत मिलने के बाद कोर्ट में हाजिर न होने के कारण अजय का गैर जमानती वारंट जारी हो गया था। पिछले दिनों हनुमंत विहार में क्षेत्रीय लोगों ने अजय को पीट दिया था। इसके बाद वह पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए धनवंतरि अस्पताल में इलाज के नाम पर भर्ती हो गया था। लेकिन बर्रा पुलिस ने उसे वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने उसे जेल भेजा था। 30-30 हजार की दो जमानतों पर रिहाई के आदेश मिले गुरुवार को उसे जमानत मिल गई। कोर्ट ने 30-30 हजार रुपये की दो जमानतें व निजी बंधपत्र दाखिल करने पर रिहाई का आदेश दिया है। अभी अजय के जमानतगीरों का सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद ही अजय की रिहाई हो सकेगी। वहीं बर्रा थाने में ही वर्ष 2021 में अजय समेत अन्य लोगों के खिलाफ अपहरण व मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें गुरुवार को पुलिस ने कोर्ट में रिमांड याचिका दाखिल की, जिसमें अजय को अभी जमानत नहीं मिली है।
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